हकीमपुर बॉर्डर पर अचानक बढ़ी सुरक्षा, आखिर सीमा पर क्या बदल गया?

भारत-बांग्लादेश सीमा से सटे पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हकीमपुर बॉर्डर इलाके में बीते छह महीनों में हालात तेजी से बदले हैं। जहां कुछ समय पहले तक सीमा क्षेत्र में अव्यवस्था, राजनीतिक हस्तक्षेप और प्रशासनिक सुस्ती की चर्चा होती थी, वहीं अब सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सख्त नजर आ रही है। सीमा क्षेत्र में पुलिस और बीएसएफ की सक्रियता पहले की तुलना में काफी बढ़ गई है।

स्वरूपनगर से हकीमपुर सीमा चौकी तक जाने वाले रास्तों पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। सड़क किनारे पुलिस वाहनों की लंबी कतारें, लगातार गश्त करते सुरक्षाकर्मी और केंद्रीय बलों की मौजूदगी से साफ है कि प्रशासन अब किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पार्थ घोष और एसडीपीओ आयुष पांडे लगातार इलाके का निरीक्षण कर रहे हैं।

प्रशासन ने स्वरूपनगर इलाके में तीन होल्डिंग सेंटर बनाए हैं। इनमें तेतुलिया स्थित अतिथि गृह, चारघाट हाईस्कूल के पास फ्लड शेल्टर और मेदिया क्षेत्र का एक विद्यालय शामिल है। इन केंद्रों में रह रहे लोगों की सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी स्थानीय स्वास्थ्य विभाग और आशा कर्मियों को दी गई है।

बुधवार तक तेतुलिया केंद्र में 116, चारघाट में 63 और मेदिया केंद्र में 52 लोगों को रखा गया था। प्रशासन की ओर से भोजन और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था भी की जा रही है। मिड डे मील कर्मियों को भोजन तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार सीमा क्षेत्र में राजनीतिक दखल लगभग नहीं के बराबर है। पहले जहां स्थानीय नेताओं की सक्रिय मौजूदगी रहती थी, वहीं अब प्रशासन पूरी व्यवस्था अपने नियंत्रण में संचालित कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सीमा क्षेत्र में निगरानी और सुरक्षा पहले से कहीं अधिक मजबूत की गई है।

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