भारतीय जनता पार्टी ने उत्तराखंड में सड़कों पर नमाज पढ़ने पर प्रतिबंध को लेकर मुख्यमंत्री सरकार के रुख का समर्थन किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा कि कानून व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधा को बनाए रखने के लिए सड़क पर नमाज की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस फैसले को साहसिक और जनहित में बताया।
देहरादून में मीडिया से बातचीत के दौरान महेंद्र भट्ट ने कहा कि सार्वजनिक सड़कें आम जनता के आवागमन और यातायात के लिए होती हैं। किसी भी धार्मिक आयोजन के कारण लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि संविधान और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
भट्ट ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सड़क पर नमाज जैसे मुद्दों को लेकर अनावश्यक बयानबाजी और लोगों को उकसाने की राजनीति बंद होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आगामी बकरीद और अन्य धार्मिक अवसरों को देखते हुए सरकार पहले से ही कानून व्यवस्था को लेकर सतर्क है। प्रशासन का प्रयास रहेगा कि सभी धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हों और आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार सभी धर्मों का सम्मान करती है, लेकिन सार्वजनिक व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं से समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वे शांति और सौहार्द बनाए रखें तथा नियमों का पालन करें।
इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में सड़क पर नमाज को लेकर बहस तेज हो गई है और विपक्षी दल भी सरकार के रुख पर सवाल उठा रहे हैं।