देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। Rekha Arya ने घोषणा की है कि महिला स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट में प्रवेश से वंचित रह गई प्रतिभाशाली छात्राओं को एक और मौका दिया जाएगा। इसके लिए स्पॉट ट्रायल आयोजित किए जाएंगे, ताकि कोई भी मेधावी खिलाड़ी केवल जानकारी के अभाव में अवसर से वंचित न रह जाए।
सचिवालय स्थित एफआरडीसी सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के बाद खेल मंत्री ने बताया कि महिला स्पोर्ट्स कॉलेज Women Sports College Lohaghat में एडमिशन के लिए अब तक 1000 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य की प्रतिभाशाली बेटियों को बेहतर खेल सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।
रेखा आर्य ने बताया कि कॉलेज के संचालन के लिए 16 नए पद सृजित कर दिए गए हैं और इन्हें जल्द भरने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाएं ताकि 1 जुलाई से कॉलेज का पहला शैक्षणिक सत्र शुरू किया जा सके।
बैठक में हल्द्वानी में बनने वाले खेल विश्वविद्यालय की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। खेल मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि खेल विश्वविद्यालय की कक्षाएं भी इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू होनी हैं, इसलिए निर्माण और प्रशासनिक कार्य समय पर पूरे किए जाएं।
इसके साथ ही उत्तराखंड सरकार ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन स्पोर्ट’ नीति को भी अंतिम रूप दे दिया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi की प्रेरणा से तैयार इस नीति के तहत राज्य के सभी 13 जिलों के लिए एक-एक खेल का चयन किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को पहचान और बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा।
राज्य सरकार का यह कदम खेल संस्कृति को मजबूत करने और युवाओं को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।