कम उम्र में बढ़ रहा हाई कोलेस्ट्रॉल, रोज की ये आदतें बना सकती हैं दिल का मरीज

नई दिल्ली। बदलती जीवनशैली, घंटों बैठकर काम करने की आदत और फास्ट फूड के बढ़ते सेवन के कारण हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या तेजी से बढ़ रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अब यह समस्या केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कम उम्र के युवा भी इसकी चपेट में आने लगे हैं। समय रहते खानपान और दिनचर्या में सुधार नहीं किया गया तो यह आगे चलकर दिल की गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।

डॉक्टरों के अनुसार कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का कारण केवल अधिक तेल या फैट वाला भोजन नहीं होता, बल्कि यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि व्यक्ति किस तरह का फैट अपने भोजन में शामिल कर रहा है। शरीर को हेल्दी फैट्स की भी जरूरत होती है, जो अच्छे कोलेस्ट्रॉल यानी एचडीएल को बढ़ाने और खराब कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल को कम करने में मदद करते हैं। इसी वजह से विशेषज्ञ एवोकाडो, बादाम, अखरोट और ऑलिव ऑयल जैसे खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से शरीर का मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है और रक्त संचार धीमा पड़ जाता है। इससे शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल तेजी से बढ़ सकता है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि हर व्यक्ति को कम से कम एक घंटे में पांच मिनट जरूर टहलना चाहिए, ताकि शरीर सक्रिय बना रहे।

खानपान में छोटे बदलाव भी कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में अहम भूमिका निभा सकते हैं। रिफाइंड ऑयल की जगह सरसों का तेल, नारियल तेल और सीमित मात्रा में देसी घी का इस्तेमाल बेहतर माना जाता है। वहीं अलसी का पाउडर, भीगा हुआ लहसुन, मेथी दाना, दालचीनी और अर्जुन की छाल का काढ़ा भी फायदेमंद बताया गया है।

रात का भोजन हल्का और पौष्टिक रखने की सलाह दी जाती है। ओट्स, दलिया, पालक, लौकी, तोरई और दूसरी हरी सब्जियां खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करती हैं। वहीं तला-भुना खाना, फास्ट फूड, अधिक नमक-चीनी, रेड मीट और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाना जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार नियमित व्यायाम और संतुलित आहार ही स्वस्थ दिल और बेहतर जीवन की कुंजी है।

 

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