नई दिल्ली। गर्मियों के मौसम में अचानक नाक से खून आना एक आम लेकिन परेशान करने वाली समस्या बन जाती है। तेज धूप, गर्म हवाएं और शरीर में पानी की कमी इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी के दिनों में नाक के अंदर की नमी तेजी से कम हो जाती है, जिससे उसकी अंदरूनी परत सूखकर कमजोर हो जाती है। मेडिकल भाषा में इस स्थिति को ‘एपिस्टेक्सिस’ कहा जाता है। यह समस्या खासकर बच्चों और बुजुर्गों में ज्यादा देखने को मिलती है।
डॉक्टरों का कहना है कि नाक के भीतर की त्वचा बेहद पतली और संवेदनशील होती है। इसमें मौजूद छोटी रक्त नलिकाएं सूखापन बढ़ने पर आसानी से फट जाती हैं, जिससे अचानक खून निकलने लगता है। गर्म और शुष्क हवा इस परेशानी को और बढ़ा देती है। कई बार जोर से नाक साफ करने, लगातार छींक आने या हल्की चोट लगने से भी खून बह सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक एलर्जी, साइनस संक्रमण, हाई ब्लड प्रेशर और खून को पतला करने वाली दवाइयों का सेवन भी नाक से खून आने की वजह बन सकता है। यदि यह समस्या बार-बार हो रही हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, क्योंकि यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है।
नाक से खून आने पर घबराने की बजाय सही प्राथमिक उपचार करना बेहद जरूरी माना जाता है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि व्यक्ति को सीधे बैठाकर सिर को थोड़ा आगे की ओर झुकाना चाहिए, ताकि खून गले में न जाए। इसके बाद नाक के नरम हिस्से को अंगूठे और उंगली से कुछ मिनट तक दबाकर रखना चाहिए। साथ ही माथे या नाक पर बर्फ या ठंडी पट्टी लगाने से खून का बहाव कम हो जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस समस्या से बचने के लिए शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। पर्याप्त पानी पीने के साथ नाक के अंदर हल्का नारियल तेल या पेट्रोलियम जेली लगाने से सूखापन कम होता है और नमी बनी रहती है।