गिर सोमनाथ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को गुजरात के सोमनाथ मंदिर में आयोजित सोमनाथ अमृत महोत्सव कार्यक्रम में देश की शक्ति, सांस्कृतिक विरासत और राजनीतिक इच्छाशक्ति को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया की कोई भी ताकत भारत को झुका नहीं सकती और न ही किसी प्रकार के दबाव में ला सकती है।
प्रधानमंत्री ने 11 मई 1998 को हुए पोखरण परमाणु परीक्षणों को याद करते हुए कहा कि उस समय भारत ने दुनिया को अपनी अटल राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिचय कराया था। उन्होंने कहा कि पोखरण में पहले तीन परमाणु परीक्षणों के बाद दुनिया के कई शक्तिशाली देशों ने भारत पर प्रतिबंध लगाने शुरू कर दिए थे, लेकिन भारत रुका नहीं। मोदी ने कहा कि 13 मई को भारत ने दो और परमाणु परीक्षण कर दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया कि राष्ट्रहित भारत के लिए सर्वोपरि है।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उस दौर में भारत ने साहस और आत्मविश्वास के साथ अपनी संप्रभुता का परिचय दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पोखरण परीक्षणों को ‘ऑपरेशन शक्ति’ नाम दिया गया था, क्योंकि भारत की परंपरा शिव और शक्ति की आराधना से जुड़ी रही है। यही भावना देश की वैज्ञानिक प्रगति और आत्मनिर्भरता की प्रेरणा भी बनी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सोमनाथ अमृत महोत्सव केवल इतिहास का स्मरण नहीं, बल्कि आने वाले हजार वर्षों के भारत की प्रेरणा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की रियासतों का एकीकरण कर आधुनिक भारत की मजबूत नींव रखी और सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण ने दुनिया को भारत की सांस्कृतिक चेतना का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि इतिहास में कई आक्रांताओं ने सोमनाथ मंदिर को तोड़ने की कोशिश की, लेकिन भारत की आस्था और वैचारिक शक्ति को कभी मिटाया नहीं जा सका। प्रधानमंत्री ने लोगों से पर्यावरण संरक्षण और तीर्थ स्थलों की गरिमा बनाए रखने का भी आह्वान किया।