गोपेश्वर। उत्तराखंड के चमोली जिले में सीमांत क्षेत्रों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण ज्योतिर्मठ-मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग रविवार को भारी मलबा और बोल्डर आने से बाधित हो गया। Joshimath से नीती-मलारी घाटी को जोड़ने वाले इस हाईवे के बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और लोगों को घंटों तक परेशानी का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार ढाक गांव के समीप पपड़ीधार क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक पहाड़ी का एक हिस्सा दरक गया और भारी मात्रा में पत्थर तथा मलबा सड़क पर आ गिरा। देखते ही देखते हाईवे पूरी तरह बंद हो गया। घटना के समय सड़क पर कई स्थानीय वाहन, सेना के ट्रक और जरूरी सामान लेकर जा रहे वाहन मौजूद थे, जो मलबा आने के कारण रास्ते में फंस गए।
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक पिछले कुछ समय से सड़क चौड़ीकरण कार्य के चलते पहाड़ियों में दरारें बढ़ रही हैं। मौसम में लगातार बदलाव के कारण भी मलबा गिरने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। ढाक गांव के प्रधान मोहन बजवाल और लक्ष्मण बुटोला ने बताया कि वे किसी कार्य से जोशीमठ जा रहे थे, तभी अचानक पहाड़ी से मलबा गिरने लगा और कुछ ही देर में मार्ग अवरुद्ध हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही Border Roads Organisation (बीआरओ) की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी सहित भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। हालांकि पहाड़ी से लगातार छोटे-बड़े पत्थर गिरने के कारण राहत और सफाई कार्य में काफी दिक्कतें आ रही हैं।
बीआरओ अधिकारियों ने बताया कि मार्ग को जल्द से जल्द सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और पहाड़ी मार्गों पर यात्रा के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून से पहले ऐसे हादसे चिंता बढ़ा रहे हैं और सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए जाने की जरूरत है।