रुड़की। उपभोक्ता अधिकारों के प्रति लंबे समय से जागरूकता फैलाने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता और साहित्यकार Shri Gopal Narson को बड़ा शैक्षणिक सम्मान मिला है। Nalanda NI IRC University ने उन्हें उपभोक्ता कानून के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक प्रमाणपत्र पर कुलाधिपति, कुलपति और कुलसचिव के हस्ताक्षर किए गए हैं।
विश्वविद्यालय ने डॉ. श्रीगोपाल नारसन को यह सम्मान उपभोक्ता हितों के प्रति उनकी सक्रिय भूमिका, जनजागरूकता अभियान और उपभोक्ता कानून में गहरी विद्वता को देखते हुए प्रदान किया है। पिछले करीब 35 वर्षों से वे उपभोक्ता अधिकार आंदोलन से जुड़े हुए हैं और आम लोगों को “जागो ग्राहक जागो” का संदेश देकर जागरूक कर रहे हैं।
डॉ. नारसन वर्तमान में उत्तराखंड राज्य उपभोक्ता आयोग में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में भी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने उपभोक्ता कानून से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों में लोगों को कानूनी सहायता प्रदान की है। उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में उनकी सक्रियता और सामाजिक योगदान को लंबे समय से सराहा जाता रहा है।
कानूनी क्षेत्र के साथ-साथ साहित्य जगत में भी डॉ. नारसन की अलग पहचान है। वे अब तक विभिन्न साहित्यिक विधाओं में 22 पुस्तकें लिख चुके हैं। उनकी रचनाएं सामाजिक जागरूकता, कानून और जनहित के मुद्दों पर आधारित रही हैं। जल्द ही उनकी नई पुस्तक “वरदान है उपभोक्ता कानून” प्रकाशित होने जा रही है, जिसे Sahityik Sansthan Ghaziabad द्वारा प्रकाशित किया जाएगा।
डॉ. श्रीगोपाल नारसन को मिली इस मानद उपाधि से उनके समर्थकों, साहित्यकारों और कानूनी क्षेत्र से जुड़े लोगों में खुशी की लहर है। इसे उपभोक्ता अधिकारों के लिए उनके लंबे संघर्ष और समाज के प्रति समर्पण का सम्मान माना जा रहा है।