औली। Gurmit Singh ने चमोली जिले के औली में आयोजित सैनिक सम्मेलन में शामिल होकर भारतीय सेना और आईटीबीपी के जवानों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले जवानों को सम्मानित भी किया। सम्मेलन में राज्यपाल ने भारतीय सेना की 7वीं बटालियन असम रेजिमेंट “औली बटालियन” तथा Indo-Tibetan Border Police के माउंटेनियरिंग एवं स्कीइंग संस्थान के जवानों को संबोधित किया।
राज्यपाल ने कहा कि भारतीय सेना और आईटीबीपी के जवान कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी देश की सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे वीर जवानों पर पूरे देश को गर्व है। उन्होंने सैनिकों की बहादुरी और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षा बल केवल सीमाओं की रक्षा ही नहीं करते, बल्कि मानवता की सेवा में भी अग्रणी भूमिका निभाते हैं।
राज्यपाल ने 7वीं बटालियन असम रेजिमेंट के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए ‘ऑपरेशन पवन’ सहित कई महत्वपूर्ण अभियानों में जवानों द्वारा दिखाए गए साहस को याद किया। उन्होंने मातृभूमि की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में माणा सब सेक्टर में “ऑपरेशन स्नो लेपर्ड” के तहत तैनात जवान हिमालय की कठिन परिस्थितियों में भी अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दे रहे हैं। राज्यपाल ने आईटीबीपी के माउंटेनियरिंग एवं स्कीइंग संस्थान की उपलब्धियों की भी जमकर सराहना की।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1976 में स्थापित यह संस्थान पर्वतारोहण, स्कीइंग और पर्वतीय युद्ध कौशल में देश को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध करा रहा है। साथ ही यह संस्थान उत्तराखंड के युवाओं को रोजगार और कौशल विकास के अवसर भी प्रदान कर रहा है।
इस अवसर पर ब्रिगेडियर गौरव बत्रा, कर्नल शिवेश तिवारी और आईटीबीपी कमांडेंट रतन सिंह सोनल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।