देहरादून। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को गंभीरता से लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मामले के अनुसार, ऋषिकेश के वीरभद्र क्षेत्र निवासी शशि शरण नामक व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसी टिप्पणियां की गईं, जो महिलाओं की गरिमा और सम्मान के खिलाफ मानी जा रही हैं। आयोग के मुताबिक, ये टिप्पणियां न केवल सामाजिक मर्यादाओं का उल्लंघन करती हैं, बल्कि सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को भी ठेस पहुंचाती हैं।
इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए कंडवाल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून को पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि मामले की विधिक जांच कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कानून के दायरे में रहते हुए दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
आयोग की अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार संविधान द्वारा दिया गया है, लेकिन यह पूर्णतः असीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अपमानजनक या भ्रामक टिप्पणी, जो महिलाओं के सम्मान या सार्वजनिक पदों की गरिमा को ठेस पहुंचाए, उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
कंडवाल ने यह भी कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और देश का नाम रोशन कर रही हैं। ऐसे में इस तरह की टिप्पणियां निंदनीय हैं और समाज में गलत संदेश देती हैं।
आयोग ने दोहराया कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही, भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।