“हिमालय पुत्र” हेमवती नंदन बहुगुणा की जयंती पर जुटे दिग्गज, जानें क्यों आज भी प्रासंगिक हैं उनके विचार
देहरादून। “हिमालय पुत्र” के नाम से विख्यात हेमवती नंदन बहुगुणा की 107वीं जयंती के अवसर पर देहरादून में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल और सौरभ बहुगुणा ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस दौरान नेताओं ने उनके जीवन और कार्यों को याद करते हुए उन्हें एक दूरदर्शी और जनसेवा के प्रति समर्पित नेता बताया। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि हेमवती नंदन बहुगुणा का जीवन सादगी, संघर्ष और जनकल्याण के लिए निरंतर प्रयास का प्रतीक रहा है। उन्होंने कहा कि भले ही उनकी कर्मभूमि इलाहाबाद रही, लेकिन अपनी जन्मभूमि और पर्वतीय क्षेत्रों के प्रति उनका लगाव हमेशा मजबूत रहा।
मंत्री उनियाल ने कहा कि बहुगुणा जी पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने पर्वतीय विकास विभाग की स्थापना कर पहाड़ी इलाकों के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की, जिसका लाभ आज भी राज्य को मिल रहा है। उनके द्वारा किए गए कार्य आज भी समाज और प्रशासन के लिए मार्गदर्शक हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं ने कहा कि बहुगुणा जी के विचार और आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं और उन्हें अपनाकर राज्य और समाज के विकास को नई दिशा दी जा सकती है। उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे उनके जीवन से प्रेरणा लें और समाज सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ें।
इस अवसर पर कई अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने “हिमालय पुत्र” को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया।