नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के इलाकों में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए सख्त कदम उठाए गए हैं। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण (स्टेज-1) तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, क्षेत्र का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 226 दर्ज किया गया है, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए आयोग की GRAP उप-समिति ने गुरुवार को यह फैसला लिया। आदेश दिल्ली के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान की संबंधित एजेंसियों को भी जारी किया गया है।
आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों, पर्यावरण और परिवहन विभागों, पुलिस प्रशासन, नगर निकायों और प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को निर्देश दिए हैं कि GRAP-1 के तहत निर्धारित उपायों को सख्ती से लागू किया जाए। इसके तहत धूल नियंत्रण, निर्माण कार्यों की निगरानी, कचरा प्रबंधन और वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बैठक के दौरान मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों और भारतीय मौसम विभाग (IMD) तथा आईआईटीएम पुणे के पूर्वानुमानों की समीक्षा की गई। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में बनी रह सकती है।
प्रशासन ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपने वाहनों का नियमित रखरखाव करें, अनावश्यक रूप से इंजन चालू न रखें, खुले में कचरा न जलाएं और अधिक से अधिक पेड़ लगाएं। साथ ही, प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों की सूचना संबंधित विभागों को देने को भी कहा गया है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, AQI को 0-50 ‘अच्छा’, 51-100 ‘संतोषजनक’, 101-200 ‘मध्यम’, 201-300 ‘खराब’, 301-400 ‘बहुत खराब’ और 401-500 ‘गंभीर’ श्रेणी में वर्गीकृत किया जाता है।