नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर पीएम मोदी का बड़ा बयान, विपक्ष की भी की सराहना

नई दिल्ली। महिला सशक्तिकरण को लेकर एक बार फिर बड़ा राजनीतिक संदेश देते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में से एक बताया है। उन्होंने कहा कि यह कानून देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

दिल्ली में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की संसद एक ऐतिहासिक बदलाव की ओर अग्रसर है। उन्होंने देश में महिलाओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान और विरासत स्थापित की है।

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने Droupadi Murmu और Nirmala Sitharaman का उदाहरण देते हुए कहा कि आज महिलाएं देश के सर्वोच्च पदों तक पहुंचकर नेतृत्व कर रही हैं। यह देश की बदलती तस्वीर को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री ने इस अधिनियम के समर्थन के लिए विपक्षी दलों की भी खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि 2023 में जब यह विधेयक संसद में लाया गया था, तब सभी दलों ने एकजुट होकर इसे पारित किया था। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी तरह संवाद, सहयोग और सहभागिता के जरिए इस कानून को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक आरक्षण देने की मांग दशकों से उठती रही है और इसमें कई पीढ़ियों का योगदान शामिल है। हर राजनीतिक दल ने अपने-अपने स्तर पर इस मुद्दे को आगे बढ़ाया है।

पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि जैसे इस अधिनियम के पारित होने से संसद की गरिमा बढ़ी थी, वैसे ही इसके लागू होने से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और मजबूत होगी।

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