देहरादून। जल जीवन मिशन से जुड़े ठेकेदारों ने अपनी लंबित भुगतान संबंधी मांगों को लेकर राजधानी में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। देवभूमि जल शक्ति कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के नेतृत्व में करीब 200 ठेकेदार जल जीवन मिशन कार्यालय, इंदर रोड, देहरादून पहुंचे और धरना दिया।
प्रदर्शन में शामिल ठेकेदार देहरादून, पौड़ी, टिहरी, चमोली और अल्मोड़ा के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से आए थे। विरोध जताने के लिए कई स्थानों पर जल आपूर्ति भी अस्थायी रूप से बंद कर दी गई, जिससे स्थिति की गंभीरता साफ नजर आई।
एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने कहा कि पिछले दो वर्षों से ठेकेदारों का भुगतान लंबित है और सरकार तथा संबंधित विभाग के अधिकारी लगातार किसी न किसी बहाने से मामले को टालते आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों से बार-बार संपर्क करने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
अमित अग्रवाल ने कहा कि भुगतान नहीं होने के कारण ठेकेदारों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। वे मजदूरों को समय पर भुगतान नहीं कर पा रहे हैं, जिससे कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो पूरे प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत चल रही पानी की आपूर्ति पूरी तरह से बंद कर दी जाएगी।
ठेकेदारों के इस विरोध प्रदर्शन से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। ऐसे में अब सबकी नजर सरकार और विभागीय अधिकारियों पर है कि वे इस समस्या का समाधान कैसे निकालते हैं।
यह मामला न केवल ठेकेदारों की आर्थिक परेशानी से जुड़ा है, बल्कि आम जनता की बुनियादी जरूरत—पेयजल—से भी सीधे तौर पर संबंधित है।