टिहरी गढ़वाल। उत्तराखंड के डोबरा-चाटी क्षेत्र में शुक्रवार शाम आए तेज आंधी-तूफान ने अफरा-तफरी मचा दी। Dobara Chanti Bridge के पास स्थित झील में बने फ्लोटिंग हटमेंट अचानक तेज हवाओं की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए और बहने लगे। इस दौरान वहां मौजूद करीब 25 से 30 लोग झील के बीच फंस गए, जिससे बड़ा हादसा होने की आशंका पैदा हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही State Disaster Response Force (SDRF) ने तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार, शाम करीब 7:45 बजे टीम को मौके पर भेजा गया। कोटी कॉलोनी स्थित SDRF पोस्ट से उपनिरीक्षक नरेंद्र राणा के नेतृत्व में टीम आवश्यक उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुई।
मौके पर पहुंचकर टीम ने देखा कि तेज तूफान और खराब मौसम के कारण फ्लोटिंग हटमेंट बुरी तरह टूट चुके थे और कई लोग उनमें फंसे हुए थे। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद SDRF जवानों ने तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
बचाव कार्य के लिए पर्यटन विभाग की नाव की मदद ली गई। टीम ने एक-एक कर सभी फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें कोटी कॉलोनी पहुंचाया। SDRF के इस त्वरित और साहसिक अभियान की बदौलत एक बड़ा हादसा टल गया।
घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए भय और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा, लेकिन सभी लोगों के सुरक्षित होने की खबर मिलते ही राहत की सांस ली गई। स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने SDRF की तत्परता और बहादुरी की सराहना की है।
यह घटना एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम की अनिश्चितता और सतर्कता की आवश्यकता को उजागर करती है।