पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच भवानीपुर में हुई सुरक्षा चूक के मामले में निर्वाचन आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए चार पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट बढ़ गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आयोग ने सिद्धार्थ दत्ता, प्रियंकर चक्रवर्ती, चंडी चरण बनर्जी और सौरभ चटर्जी को कानून-व्यवस्था में लापरवाही का दोषी मानते हुए सस्पेंड किया है। इनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
यह पूरा मामला 1 अप्रैल का है, जब विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी अपने नामांकन के लिए भवानीपुर जा रहे थे। उस दौरान उनके काफिले के पास तनाव की स्थिति बन गई थी। रैली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे।
निर्वाचन आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला को पत्र लिखकर संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
इस बीच सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने आयोग की इस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का आरोप है कि चुनाव आयोग पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रहा है और एकतरफा कार्रवाई की जा रही है।
भवानीपुर सीट इस बार राज्य की सबसे चर्चित सीटों में से एक बन गई है, जहां से सुवेंदु अधिकारी भाजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। वे नंदीग्राम से भी चुनाव लड़ रहे हैं।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में आयोजित किए जाएंगे। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को और दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।
चुनावी माहौल के बीच राज्य में राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तीखी बयानबाजी भी जारी है। ऐसे में यह घटना चुनावी माहौल को और अधिक संवेदनशील बना सकती है।