उत्तराखंड में कानून व्यवस्था पर गरिमा दसौनी का तीखा हमला, सरकार से मांगा जवाब

देहरादून। उत्तराखंड में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री  गरिमा मेहरा दसौनी  ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।

गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा कि हाल ही में मॉर्निंग वॉक के दौरान रिटायर्ड ब्रिगेडियर जोशी की हत्या ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि दो गुटों के बीच हुई क्रॉस फायरिंग में एक निर्दोष पूर्व सैन्य अधिकारी की मौत होना प्रशासन की विफलता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि कभी शांत और सुरक्षित माने जाने वाला देहरादून अब अपराध की घटनाओं से प्रभावित हो रहा है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में धारदार हथियारों से हत्याएं, जंगलों में लाशें मिलने, पत्रकारों पर हमले और पुलिस हिरासत में मौत जैसे मामलों ने स्थिति को चिंताजनक बना दिया है।

गरिमा ने  नानकमत्ता  में पुलिस कस्टडी के दौरान बुजुर्ग महिला की मौत और  रायपुर थाने में पीआरडी जवान की संदिग्ध आत्महत्या का उल्लेख करते हुए कहा कि ये घटनाएं सरकार की संवेदनहीनता और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों से प्रदेश में भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार है, इसके बावजूद यदि कानून व्यवस्था कमजोर हो रही है तो इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी  से मांग की कि सरकार स्पष्ट करे कि अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं और आम जनता को सुरक्षा का भरोसा कब तक मिलेगा।

कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करते हुए कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो कानून व्यवस्था की स्थिति और गंभीर हो सकती है।

 

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