Dehradun। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने बुधवार को गढ़ी कैंट क्षेत्र में एक रेस्टोरेंट का औचक निरीक्षण कर रसोई गैस आपूर्ति की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। उनके इस दौरे को संभावित गैस संकट के बीच जमीनी हालात समझने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने रेस्टोरेंट संचालक से गैस की उपलब्धता और आपूर्ति की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी ली। संचालक ने बताया कि हाल के दिनों में गैस सप्लाई में थोड़ी कमी जरूर आई है, लेकिन फिलहाल नियमित रूप से सिलेंडर मिल रहे हैं और कामकाज प्रभावित नहीं हुआ है।
रेस्टोरेंट संचालक ने यह भी बताया कि गैस की खपत को नियंत्रित करने के लिए वे तंदूर का अधिक उपयोग कर रहे हैं, जिससे गैस पर निर्भरता कम की जा सके। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे संसाधनों के बेहतर प्रबंधन का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में गैस आपूर्ति पर दबाव बढ़ता है, तो वैकल्पिक उपाय अपनाना समय की जरूरत होगी।
मुख्यमंत्री ने होटल और रेस्टोरेंट संचालकों से अपील की कि वे घबराने के बजाय संयम और सहयोग का परिचय दें। उन्होंने कहा कि अभी गैस का कोई गंभीर संकट नहीं है, लेकिन यदि परिस्थितियां बदलती हैं तो देशवासियों को COVID-19 pandemic की तरह एकजुट होकर इस चुनौती का सामना करना होगा। 🤝
इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों और आपूर्ति तंत्र को मजबूत करने के लिए आवश्यक तैयारियां अभी से शुरू की जाएं। उनका कहना था कि समय रहते योजनाबद्ध तरीके से कदम उठाने से किसी भी संभावित संकट के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री के इस औचक निरीक्षण से यह स्पष्ट संकेत गया है कि राज्य सरकार आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर सतर्क है और आम लोगों के साथ-साथ व्यापारिक प्रतिष्ठानों की समस्याओं पर भी लगातार नजर बनाए हुए है।