थारू संस्कृति पर सीएम धामी का बड़ा संदेश, जानें क्यों कहा ‘इसे सहेजना जरूरी’

खटीमा। उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने थारू समाज की परंपराओं को विशेष महत्व दिया है। खटीमा में आयोजित थारू होली महामहोत्सव को उन्होंने मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया।

अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को नमन करते हुए कहा कि प्रशासनिक व्यस्तताओं के कारण वे व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो सके, जिसका उन्हें खेद है। उन्होंने कहा कि थारू समाज की सांस्कृतिक परंपराएं अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली हैं, जो उत्तराखंड की पहचान का अहम हिस्सा हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि थारू समाज के रीति-रिवाज, लोकगीत, पारंपरिक नृत्य और प्रकृति के साथ उनका गहरा जुड़ाव राज्य की अमूल्य धरोहर हैं। विशेष रूप से थारू समाज की होली, जो कई दिनों तक उत्साह और उल्लास के साथ मनाई जाती है, अपनी विशिष्टता के कारण अलग पहचान रखती है।

उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन न केवल परंपराओं को जीवित रखने में सहायक होते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और मूल्यों से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनका मन हमेशा खटीमा की जनता के साथ जुड़ा रहता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जनजातीय समुदाय को सशक्त बनाया जा रहा है।

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