
साहिया। सरदार महिपाल राजेंद्र जनजातीय (पी.जी.) कॉलेज, साहिया की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा ककाड़ी गांव में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के दूसरे दिन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “साक्षरता, डिजिटल साक्षरता एवं महिला सशक्तिकरण” रखा गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा, डिजिटल जागरूकता और महिलाओं के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महाविद्यालय की पूर्व प्राचार्या और महिला सशक्तिकरण की प्रेरणास्रोत डॉ. रेनु गुप्ता ने शिरकत की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जौनसार-बावर क्षेत्र में महिलाओं को जो सम्मान दिया जाता है, वह वास्तव में महिला सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति के लिए महिलाओं को सम्मान और बराबरी का अवसर मिलना बेहद जरूरी है।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि आज के दौर में साक्षरता के साथ-साथ डिजिटल साक्षरता भी बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल ज्ञान बढ़ने से न केवल शिक्षा का स्तर सुधरेगा बल्कि लोगों को सरकारी योजनाओं और आधुनिक सुविधाओं का भी लाभ मिल सकेगा।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में ककाड़ी ग्राम की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती बनीता तोमर भी उपस्थित रहीं। उन्होंने ग्रामीण समाज में शिक्षा और जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस तरह के शिविर गांवों में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही उन्होंने एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना की।

इस अवसर पर महाविद्यालय के चेयरमैन अनिल सिंह तोमर , सहायक प्राध्यापक अंग्रेजी रेखा , सहायक प्राध्यापक समाजशास्त्र प्रदीप कुमार , कार्यक्रम अधिकारी वरुण प्रसाद तथा डॉ. रेनू देवी भी मौजूद रहे।
103 और 95 वर्ष के बुजुर्गों की मौजूदगी बनी आकर्षण
कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि ककाड़ी गांव के दो वरिष्ठ ग्रामीण 103 वर्षीय थेपा सिंह बिष्ट और 95 वर्षीय मेहर सिंह बिष्ट भी इस अवसर पर मौजूद रहे। दोनों बुजुर्गों ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ऐसे जागरूकता शिविरों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि शिक्षा और जागरूकता के प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाते हैं और युवाओं को सही दिशा प्रदान करते हैं। उनकी प्रेरणादायक उपस्थिति से स्वयंसेवकों और ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला।
