हरिद्वार। Swami Avimukteshwaranand Saraswati के आवाहन पर उत्तराखंड से संत-समाज, किसान नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का एक दल गंगा तट पर संकल्प लेकर लखनऊ के लिए रवाना हुआ। यह दल शंकराचार्य द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के लिए प्रस्थान कर रहा है।
रवाना होने से पहले सभी श्रद्धालु हरिद्वार स्थित Matr Sadan Ashram पहुंचे, जहां उन्होंने संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद गंगा तट पर विशेष संकल्प कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मां गंगा को साक्षी मानकर धर्म और संस्कृति की रक्षा का संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर महंत शुभम गिरी महाराज ने उपस्थित लोगों को संकल्प दिलाते हुए कहा कि गंगा, गौ और धर्म की रक्षा के लिए समाज के जागरूक लोगों को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सनातन संस्कृति और परंपराओं की रक्षा का एक महत्वपूर्ण अभियान है।
सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष जोशी ने कहा कि गंगा तट पर लिया गया यह संकल्प केवल प्रतीकात्मक नहीं है। इसका उद्देश्य समाज को एकजुट कर सनातन धर्म, मां गंगा और गौ माता के सम्मान की रक्षा के लिए जागरूक करना है।
किसान नेता भोपाल सिंह चौधरी ने कहा कि गौ माता और गंगा भारतीय कृषि और ग्रामीण जीवन से गहराई से जुड़ी हैं। इनकी सुरक्षा का सीधा प्रभाव पर्यावरण संरक्षण और किसानों की जीवनशैली पर पड़ता है।
वहीं सामाजिक कार्यकर्ता सोमेश्वर प्रताप चौधरी ने इसे सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। बेरोजगार संगठन के प्रदेश संयोजक जसपाल चौहान ने युवाओं से ऐसे अभियानों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया। दंडी स्वामी बद्रीनाथ ने कहा कि गंगा करोड़ों लोगों की आस्था और जीवन का आधार है, इसलिए इसकी रक्षा सभी का कर्तव्य है।
इस दौरान बड़ी संख्या में गंगा भक्त और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।