कोलकाता, Mamata Banerjee ने रविवार को कोलकाता के धर्मतला स्थित धरना मंच से केंद्र सरकार और Bharatiya Janata Party पर तीखा हमला बोला। उन्होंने एसआईआर के मुद्दे को लेकर देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि लोकतंत्र में नागरिकों का मतदान का अधिकार सबसे महत्वपूर्ण है और इसे किसी भी हाल में छीना नहीं जा सकता।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के नाम पर मतदाता सूची से बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले इस तरह की कार्रवाई से मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। ममता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी सरकार और पार्टी किसी भी नागरिक का मतदान का अधिकार छिनने नहीं देगी।
उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी राज्य में नकारात्मक प्रचार कर रही है और यह झूठा दावा किया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में मुसलमानों को बसाया गया है। ममता ने कहा कि देश की आजादी के समय वह पैदा भी नहीं हुई थीं, लेकिन भाजपा हर मुद्दे पर गलत आरोप लगाकर राजनीति करने का प्रयास करती है।
मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान विशेष रूप से महिलाओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने अपने घर का उदाहरण देते हुए बताया कि विवाह के बाद नाम और पता बदलने के कारण एक महिला सदस्य का नाम सूची से हटा दिया गया।
इस दौरान ममता बनर्जी ने राज्यपाल C. V. Ananda Bose के हालिया इस्तीफे का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर दबाव बनाकर पद छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। ममता ने कहा कि राष्ट्रपति के राज्य दौरे के दिन राज्यपाल को स्वागत के लिए मौजूद रहना था, लेकिन उन्हें अचानक दिल्ली बुलाकर इस्तीफा दिला दिया गया।
मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि अचानक इस्तीफे की क्या वजह रही और इसके पीछे भाजपा की भूमिका हो सकती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मताधिकार सबसे बड़ा अधिकार है और इसे कमजोर करने की किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा।