मेदिनीनगर में गूंजा ‘वन्दे मातरम्’, 150वें वर्ष पर युवाओं ने लिया राष्ट्र और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
मेदिनीनगर। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय, रांची के अंतर्गत केन्द्रीय संचार ब्यूरो, डालटनगंज द्वारा ‘वन्दे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में राजकीयकृत ब्राह्मण प्लस टू उच्च विद्यालय, मेदिनीनगर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रभक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रमुखता से दिया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ हुई। इस अवसर पर कन्या पूजन भी किया गया। क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी श्री गौरव कुमार पुष्कर ने विषय प्रवेश कराते हुए कहा कि **Vande Mataram** केवल एक गीत नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना को जागृत करने वाला अमर मंत्र है, जो मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना को सशक्त बनाता है।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पर्यावरणविद् एवं वनराखी मूवमेंट के प्रणेता श्री कौशल किशोर जायसवाल ने अंधाधुंध वृक्ष कटाई पर चिंता व्यक्त करते हुए पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की अपील की। उन्होंने पर्यावरण धर्म के आठ मूल मंत्रों की जानकारी देते हुए प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने का संदेश दिया।
वरिष्ठ पत्रकार श्री प्रभात मिश्र ‘सुमन’ ने वन्दे मातरम् के ऐतिहासिक पक्ष पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसके रचयिता **बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय** के बड़े भाई संजीव चट्टोपाध्याय पलामू में मजिस्ट्रेट थे और उन्होंने ‘पलामू’ नामक प्रसिद्ध यात्रा-वृत्तांत लिखा था।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने ‘वन्दे मातरम्’ का सामूहिक गान कर भारत माता को नमन किया और स्वच्छता शपथ ली। विद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समूचे वातावरण को राष्ट्रभावना से भर दिया। निबंध, रंगोली और पेंटिंग प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।