देहरादून। उत्तराखंड की सियासत में भराड़ीसैंण (गैरसैंण) विधानसभा सत्र की अवधि को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता **सतपाल महाराज** ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं का काम हमेशा से जनता को गुमराह करना रहा है।
महाराज ने कहा कि विधानसभा सत्र की समयावधि का निर्धारण कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में होता है, जिसमें नेता प्रतिपक्ष सहित सभी प्रमुख दलों के वरिष्ठ विधायक शामिल रहते हैं। ऐसे में यदि कांग्रेस वास्तव में सत्र को 30 दिन तक चलाना चाहती थी, तो उसने कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में यह प्रस्ताव क्यों नहीं रखा? उन्होंने आरोप लगाया कि अब जनता के बीच जाकर कांग्रेस दोमुंही राजनीति कर रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता सदन की अवधि बढ़ाने को लेकर झूठा प्रलाप कर रहे हैं, जबकि सत्र की अवधि तय करने की प्रक्रिया में वे स्वयं शामिल थे। यदि कांग्रेस नेता इतने ही ईमानदार हैं, तो उन्हें समिति की बैठक में अपनी बात रखनी चाहिए थी।
सतपाल महाराज ने पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2014 में भराड़ीसैंण में मात्र तीन दिन, 2015 में दो दिन और 2016 में भी केवल दो दिन का विधानसभा सत्र आयोजित किया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कांग्रेस को पहाड़ और गैरसैंण की इतनी चिंता थी, तो उस समय सत्र इतने कम दिनों के लिए क्यों बुलाए गए?
महाराज ने कहा कि भाजपा सरकार पारदर्शिता और विकास के एजेंडे पर काम कर रही है, जबकि कांग्रेस केवल राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दों को तूल दे रही है। उन्होंने प्रदेश की जनता से तथ्यों के आधार पर निर्णय लेने की अपील की।