देहरादून। DAV PG College Dehradun में एक दिवसीय मधुबनी पेंटिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें बीए और एमए के 50 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को भारतीय लोक कला की समृद्ध परंपरा से परिचित कराना और उनकी रचनात्मक क्षमता को निखारना था।
कार्यक्रम में प्रख्यात चित्रकार एवं फेविक्रिल की ट्रेनिंग टीचर **सुमित कौर कपूर** मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहीं। उन्होंने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से मधुबनी चित्रकला के इतिहास, उसकी सांस्कृतिक पृष्ठभूमि, प्रतीकों के महत्व और रंगों के पारंपरिक उपयोग की विस्तार से जानकारी दी। विद्यार्थियों को बताया गया कि यह लोक कला बिहार के मिथिला क्षेत्र से उत्पन्न हुई और आज वैश्विक स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना चुकी है।
सैद्धांतिक जानकारी के बाद विद्यार्थियों ने स्वयं मधुबनी लोक कला पर आधारित पेंटिंग तैयार की। कलाकार सुमित कौर कपूर ने प्रत्येक छात्र को व्यक्तिगत रूप से मार्गदर्शन देते हुए रेखांकन, रंग संयोजन और पारंपरिक मोटिफ्स के प्रयोग की बारीकियां समझाईं।
कार्यशाला का उद्घाटन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. कौशल कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होती हैं और उनकी रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करती हैं। कार्यशाला के संयोजक डॉ. हरिओम शंकर ने बताया कि प्रतिभागियों द्वारा तैयार की गई पेंटिंग्स को आगामी वार्षिक चित्रकला प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया जाएगा और उत्कृष्ट कृतियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।
इस अवसर पर महाविद्यालय के कई प्राध्यापक एवं शोध छात्राएं उपस्थित रहीं। आयोजन को विद्यार्थियों ने बेहद प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक बताया।