देहरादून रायपुर विधायक से जुड़े विवाद के बाद उत्तराखंड की सियासत गरमा गई है। इस पूरे मामले पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि इस प्रकरण को अनावश्यक रूप से तूल देना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी ने मामले को गंभीरता से लिया है और विधायक से जवाब तलब किया गया है। साथ ही विधायक द्वारा सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के बाद अब सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए।
महेंद्र भट्ट ने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों दोनों को संयम और मर्यादा का पालन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि विधायक उमेश काऊ ने देर रात उनके समक्ष अपना पक्ष रखा और घटना को लेकर खेद भी जताया। इसके बाद विधायक ने समर्थकों के साथ शिक्षा अधिकारी से जुड़े घटनाक्रम पर सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है।
भट्ट ने कहा कि अब जबकि पूरे मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है, इसलिए कानूनी प्रक्रिया को समय दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा किसी भी प्रकार के उपद्रव, अराजकता या अशोभनीय व्यवहार का समर्थन नहीं करती, चाहे वह जनप्रतिनिधि हो, पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता या कोई अन्य व्यक्ति।
इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से भी अपील की कि वे जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद करते समय मर्यादा और संतुलन बनाए रखें। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां इस प्रकार की घटनाएं समाज और राजनीति दोनों के लिए उचित संदेश नहीं देतीं। सभी पक्षों को जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए।
वहीं कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार करते हुए भट्ट ने कहा कि विपक्ष को पहले अपने गिरेबान में झांकने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में उनके विधायकों द्वारा आईएएस अधिकारियों के साथ मारपीट और यहां तक कि एक अधिकारी के घर पर पत्थरबाजी जैसी घटनाएं हुईं, लेकिन तब किसी ने माफी नहीं मांगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा ऐसी किसी भी घटना की स्पष्ट रूप से भर्त्सना करती है और सिद्धांतों के आधार पर राजनीति करती है। लेकिन कांग्रेस पार्टी ने अपने विधायकों की कथित घटनाओं पर कभी सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त नहीं किया।
भट्ट ने अंत में कहा कि लोकतंत्र में संवाद और शालीनता सबसे बड़ी ताकत है। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन कानून और व्यवस्था से जुड़े मामलों को राजनीतिक रंग देने के बजाय न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा करना चाहिए।