नई दिल्ली, भारत और ब्राजील ने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अगले पांच वर्षों में व्यापार को 20 अरब डॉलर से अधिक तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। शनिवार को हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री **नरेन्द्र मोदी** और ब्राजील के राष्ट्रपति **लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा** के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में यह जानकारी दी गई।
दोनों देशों ने रक्षा, ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण एवं दुर्लभ खनिज, स्वास्थ्य, कृषि, एमएसएमई और औद्योगिक साझेदारी सहित 10 प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। ब्राजील ने भारतीय वीजा धारकों के लिए व्यापारिक वीजा की अवधि 10 वर्ष तक बढ़ाने की घोषणा भी की, जिससे व्यापारिक संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
वार्ता के दौरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शीघ्र सुधार और आतंकवाद के खिलाफ सख्त वैश्विक कार्रवाई की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। दोनों नेताओं ने एक समावेशी और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के समर्थन में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-ब्राजील व्यापार केवल आंकड़ों का विषय नहीं, बल्कि पारस्परिक विश्वास और रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक है। ब्राजील, लैटिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और मर्कोसुर के साथ व्यापार समझौते के विस्तार से आर्थिक सहयोग को नई गति मिलेगी।
ऊर्जा क्षेत्र में हाइड्रोकार्बन के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा, एथेनॉल ब्लेंडिंग और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। वहीं, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और एआई जैसे उभरते क्षेत्रों में संयुक्त कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
राष्ट्रपति लूला ने कहा कि 20 वर्ष पुरानी रणनीतिक साझेदारी अब क्रियान्वयन के नए चरण में प्रवेश कर रही है। दोनों देशों ने विश्वास जताया कि यह पहल वैश्विक दक्षिण की आवाज को और मजबूत करेगी।