देहरादून। गुरमीत सिंह से बुधवार को लोक भवन में वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) तृप्ता ठाकुर ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रगति, शोध गतिविधियों, नवाचार पहलों और भविष्य की विकास योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
कुलपति प्रो. ठाकुर ने राज्यपाल को अवगत कराया कि विश्वविद्यालय तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि संस्थान में अनुसंधान को बढ़ावा देने, उद्योगों के साथ समन्वय स्थापित करने तथा विद्यार्थियों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही स्टार्टअप, इनोवेशन और नई तकनीकों को पाठ्यक्रम में शामिल करने की दिशा में भी कार्य हो रहा है।
बैठक के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि प्रदेश के युवाओं को आधुनिक तकनीकी ज्ञान से लैस करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने शोध एवं उद्योग-संस्थान सहयोग को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख शिक्षा मिल सके।
राज्यपाल ने यह भी कहा कि तकनीकी विश्वविद्यालयों की भूमिका केवल डिग्री प्रदान करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन्हें नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में योगदान देना चाहिए।
इस मुलाकात को प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के विकास की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शोध के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास जारी रहेगा।