रणजी ट्रॉफी में इतिहास: जम्मू-कश्मीर ने बंगाल को हराकर पहली बार फाइनल में बनाई जगह

नई दिल्ली। घरेलू क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी में इस बार नया इतिहास रचा गया है। जम्मू-कश्मीर की टीम ने सेमीफाइनल में बंगाल को छह विकेट से हराकर पहली बार फाइनल में प्रवेश किया। कल्याणी स्थित बंगाल क्रिकेट अकादमी मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में टीम ने शानदार प्रदर्शन से सभी को चौंका दिया।

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए बंगाल ने पहली पारी में 328 रन बनाए। जवाब में जम्मू-कश्मीर की टीम 302 रन पर सिमट गई, जिससे बंगाल को 26 रन की बढ़त मिली। हालांकि दूसरी पारी में बंगाल की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और पूरी टीम महज 99 रन पर ढेर हो गई।

जम्मू-कश्मीर की जीत के नायक आकिब नबी रहे। उन्होंने मैच में कुल नौ विकेट झटके और पहली पारी में 54 गेंदों पर 42 रन बनाकर अहम योगदान दिया। दूसरी पारी में उन्होंने और सुनील कुमार ने चार-चार विकेट लेकर बंगाल को दबाव में ला दिया। नबी का यह हरफनमौला प्रदर्शन टीम के लिए निर्णायक साबित हुआ।

126 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए जम्मू-कश्मीर ने संयमित शुरुआत की। वंशज शर्मा ने नाबाद 43 रन की जिम्मेदार पारी खेली और मुकेश कुमार की गेंद पर छक्का लगाकर टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई। अब्दुल समद ने भी 27 गेंदों पर 30 रन बनाकर अहम भूमिका निभाई।

आकिब नबी पूरे सत्र में शानदार फॉर्म में रहे हैं। क्वार्टर फाइनल में मध्य प्रदेश के खिलाफ उन्होंने 12 विकेट लेकर टीम को जीत दिलाई थी।

अब फाइनल में जम्मू-कश्मीर का संभावित मुकाबला कर्नाटक से हो सकता है। यह उपलब्धि राज्य के क्रिकेट इतिहास में एक मील का पत्थर मानी जा रही है।

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