रुड़की/देवबंद। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधानसभा देवबंद क्षेत्र में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम पदयात्रा’ निकाली। पदयात्रा के दौरान कांग्रेस नेताओं ने लोगों को योजना के महत्व से अवगत कराया और सरकार से इसे यथावत रखने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आगामी 17 फरवरी को विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष संदीप राणा के नेतृत्व में आयोजित पदयात्रा में कांग्रेस नेत्री डॉ. शाजिया जीनत नाज और कांग्रेसी नेता राहत खलील समेत कई कार्यकर्ता शामिल हुए। पदयात्रा नगर के विभिन्न मोहल्लों से होकर गुजरी, जहां कार्यकर्ताओं ने आमजन से संवाद कर मनरेगा योजना की उपयोगिता पर चर्चा की।
नेताओं का कहना था कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों और मजदूरों के लिए जीवनरेखा साबित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि योजना का नाम बदलना उसके मूल उद्देश्य को कमजोर करने जैसा है। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि योजना को पूर्व स्वरूप में जारी रखा जाए और मनरेगा में कार्य करने वाले मजदूरों की मजदूरी में वृद्धि की जाए, ताकि बढ़ती महंगाई के बीच उन्हें राहत मिल सके।
पदयात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ विरोध जताया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो 17 फरवरी को विधानसभा का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा।
इस अवसर पर सपना सोम, राजपाल कर्नवाल, नानू कश्यप, धर्म सिंह, शाह आलम, युसूफ खलील, नितिन शर्मा, मुकेश, राज कश्यप, अब्दुल्ला कुरैशी, औसाफ मेंबर, अनस बचीटी, अकरम सिद्दीकी और नबील मसूदी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।