70 दिन से जारी नर्सिंग अधिकारियों का धरना, सरकार पर बढ़ा दबाव

देहरादून। वर्षवार भर्ती व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर नर्सिंग अधिकारियों का धरना-प्रदर्शन लगातार जारी है। गुरुवार को यह आंदोलन 70वें दिन में प्रवेश कर गया। लंबे समय से चल रहे इस प्रदर्शन के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस समाधान सामने नहीं आने से आंदोलनरत नर्सिंग अधिकारियों में नाराजगी और निराशा का माहौल देखने को मिल रहा है। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में जुटे नर्सिंग अधिकारी शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी और अनियमितताओं के कारण हजारों प्रशिक्षित नर्सिंग अधिकारी वर्षों से रोजगार का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे युवाओं के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ रहा है। नर्सिंग अधिकारियों का आरोप है कि यदि समय-समय पर नियमित भर्ती प्रक्रिया लागू होती रहती तो स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ की कमी की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती थी। उन्होंने सरकार से मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, नियमित और समयबद्ध बनाया जाए। साथ ही पूर्व में लागू वर्षवार भर्ती प्रणाली को दोबारा लागू करते हुए लंबित बैचों के साथ न्याय किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा इसे प्रदेश स्तर पर व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाना भी है। धरना स्थल पर राजेंद्र कुकरेती, प्रवेश रावत, मुकेश रमोला, पपेंद्र, कुलदीप, सुभाष रावत, शिरा बंधानी, पवन, भारती सहित बड़ी संख्या में बेरोजगार नर्सिंग अधिकारी मौजूद रहे।

 

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