देहरादून।उत्तराखंड में शिक्षा और सहकारिता के क्षेत्र में केंद्र सरकार की योजनाएं तेज़ी से ज़मीन पर उतरती दिखाई दे रही हैं। संसद में दी गई ताज़ा जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक **1216 प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (पैक्स)** स्थापित की जा चुकी हैं, जिनमें से **669 पैक्स इकाइयों को ईआरपी प्रणाली पर ऑनबोर्ड** किया जा चुका है। इससे सहकारी व्यवस्था में पारदर्शिता, डिजिटल कार्यप्रणाली और किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
राज्यसभा में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं सांसद **महेंद्र भट्ट** ने उत्तराखंड में **पीएम श्री विद्यालय योजना** और पैक्स कंप्यूटरीकरण की प्रगति को लेकर केंद्र सरकार से सवाल पूछे। इसके जवाब में **शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी** ने बताया कि पीएम श्री योजना की शुरुआत 7 सितंबर 2022 को हुई थी और तब से लेकर अब तक उत्तराखंड में **241 विद्यालयों का चयन** किया जा चुका है।
मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत स्कूलों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। वित्तीय विवरण साझा करते हुए उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष **2023-24 में 72.91 करोड़ रुपये**, **2024-25 में 130.10 करोड़ रुपये** और **2025-26 में 149.07 करोड़ रुपये** का परिव्यय स्वीकृत किया गया है, जिसमें से बड़ी राशि केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की जा रही है।
विस्तृत जवाब में यह भी स्पष्ट किया गया कि शिक्षा संविधान की **समवर्ती सूची** का विषय है, इसलिए राज्य सरकारें स्कूल स्तर पर आवश्यकताओं की पहचान कर प्रस्ताव भेजती हैं। परियोजना अनुमोदन बोर्ड द्वारा मूल्यांकन के बाद उत्तराखंड में **आईसीटी लैब, स्मार्ट क्लास, विज्ञान प्रयोगशालाएं, व्यावसायिक शिक्षा, एलईडी लाइटिंग और कंपोस्टिंग सुविधाओं** से जुड़े कई प्रस्तावों को मंज़ूरी दी गई है।
इसी क्रम में पैक्स कंप्यूटरीकरण पर जानकारी देते हुए बताया गया कि केंद्र सरकार **₹2,516 करोड़** की लागत से देशभर में कार्यशील पैक्स को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की परियोजना लागू कर रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलने की संभावना है।