कर देते हैं करोड़ों, अधिकार शून्य! राज्यसभा में महेंद्र भट्ट ने उठाया बड़ा मुद्दा

देहरादून / नई दिल्ली।ऋषिकेश के बापूग्राम और मीरानगर को लंबे समय से लंबित राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने के लिए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद **महेंद्र भट्ट** ने संसद में जोरदार पैरवी की है। राज्यसभा के शून्यकाल के दौरान उन्होंने इस महत्वपूर्ण जनहित से जुड़े मुद्दे को उठाते हुए केंद्र सरकार का ध्यान स्थानीय नागरिकों की समस्याओं और उनके वैधानिक अधिकारों की ओर आकृष्ट कराया।

महेंद्र भट्ट ने सदन में कहा कि बापूग्राम और मीरानगर क्षेत्र पिछले कई दशकों से घनी आबादी वाले क्षेत्र हैं। यहां वर्ष 1950 से लोग निरंतर निवास कर रहे हैं और वर्ष 1980 में ही इन क्षेत्रों की जनसंख्या लगभग 50 हजार तक पहुंच चुकी थी। वर्तमान में यहां हजारों परिवार निवास करते हैं, जो नगर निगम को नियमित रूप से करोड़ों रुपये का कर भी अदा कर रहे हैं।

इसके बावजूद, आज तक इन क्षेत्रों को राजस्व ग्राम का दर्जा नहीं मिल पाया है, जो कि अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राजस्व ग्राम घोषित न होने के कारण स्थानीय नागरिकों को भूमि स्वामित्व से जुड़े प्रमाण पत्र प्राप्त करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान सम्मान निधि, सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित कई केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी उन्हें पूर्ण रूप से नहीं मिल पा रहा है।

महेंद्र भट्ट ने यह भी बताया कि इस तकनीकी अड़चन के चलते इन क्षेत्रों में विकास कार्यों में अनावश्यक प्रशासनिक बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं, जिससे बुनियादी सुविधाओं का विस्तार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सदन को अवगत कराया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों द्वारा इस विषय में कई बार प्रशासन और सरकार से अनुरोध किया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।

सांसद भट्ट ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि जनहित को देखते हुए बापूग्राम और मीरानगर को शीघ्र राजस्व ग्राम घोषित किया जाए, ताकि वहां के नागरिकों को उनके वैधानिक अधिकार मिल सकें और क्षेत्र के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त हो सके।

 

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