वित्त मंत्री के बजट की गूंज पहाड़ों तक, यमुनोत्री में महिलाओं ने जाना योजनाओं का लाभ

उत्तरकाशी।भाजपा के राष्ट्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व के निर्देशों के क्रम में महिला मोर्चा द्वारा प्रदेशभर में महिला चोपल और महिला संवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में कार्यक्रम की शुरुआत उत्तरकाशी जिले के **यमुनोत्री विधानसभा क्षेत्र** से की गई। इस पहल का नेतृत्व भाजपा की वरिष्ठ नेत्री एवं गढ़वाल सह-संयोजक **विनीता रावत** ने किया।

महिला संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विनीता रावत ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट की सराहना करते हुए कहा कि वित्त मंत्री **निर्मला सीतारमण** द्वारा पेश किया गया यह बजट महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि बजट में महिलाओं के लिए विशेष योजनाओं का प्रावधान किया गया है, जिससे महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा।

विनीता रावत ने कहा कि बजट में महिलाओं के लिए **रोजगारपरक योजनाओं**, कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाले प्रावधान शामिल किए गए हैं। इससे खासतौर पर ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों की महिलाओं को लाभ मिलेगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार की मंशा है कि समाज के अंतिम छोर पर बैठी महिलाओं तक इन योजनाओं का लाभ पहुंचे और महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर परिवार एवं समाज के विकास में भागीदार बनें।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री **नरेन्द्र मोदी** और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार लगातार महिलाओं के हित में जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही है। आवश्यकता इस बात की है कि महिलाएं इन योजनाओं की जानकारी लें और उनका अधिकतम लाभ उठाएं। महिला संवाद कार्यक्रमों का उद्देश्य भी यही है कि सरकारी योजनाओं की जानकारी सीधे महिलाओं तक पहुंचे और वे जागरूक होकर अपने अधिकारों का उपयोग कर सकें।

कार्यक्रम के दौरान महिला चोपल के माध्यम से महिलाओं ने अपनी समस्याएं, सुझाव और अनुभव भी साझा किए। इस अवसर पर भाजपा के **जिला महामंत्री फरशूराम जागुड़ी**, महिला मोर्चा की मंडल अध्यक्ष, जिला उपाध्यक्ष, पंचायत प्रतिनिधि, यमुनोत्री विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने बजट में महिलाओं के लिए किए गए प्रावधानों का स्वागत करते हुए सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया और भविष्य में ऐसे संवाद कार्यक्रमों के निरंतर आयोजन की मांग की।

 

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