649वीं जयंती पर संत रविदास के विचारों से प्रेरित हुआ न्यायिक परिवार

देवबंद।सिविल कोर्ट परिसर में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की 649वीं जयंती श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक चेतना के वातावरण में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर अधिवक्ताओं एवं न्यायालय कर्मचारियों ने संत रविदास जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता अधिवक्ता ठाकुर रामप्रताप एवं अधिवक्ता गुलशन राय ने की। वहीं सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ठाकुर वीरेंद्र सिंह अधिवक्ता तथा महासचिव राकेश आर्य अधिवक्ता की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। आयोजन में सामाजिक समानता, भाईचारे और मानवता के मूल्यों पर विशेष जोर दिया गया।

मुख्य वक्ता शाजिया नाज एडवोकेट ने संत रविदास महाराज के जीवन और विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने अपने कर्म और आचरण से समाज को प्रेम, समता और निष्पक्षता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संत रविदास द्वारा बताए गए मार्ग पर चलकर ही आज समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव, असमानता और सामाजिक कुरीतियों को समाप्त किया जा सकता है।

वक्ताओं ने संत रविदास जी के प्रसिद्ध संदेश **“मन चंगा तो कठौती में गंगा”** का उल्लेख करते हुए कहा कि सच्ची पवित्रता बाहरी आडंबर में नहीं, बल्कि मन की शुद्धता में निहित है। उनका संपूर्ण जीवन सामाजिक सुधार, आध्यात्मिक चेतना और मानव कल्याण का प्रतीक रहा है।

कार्यक्रम के दौरान समाज से जाति और धर्म के नाम पर फैले भेदभाव को समाप्त करने तथा एक समरस, न्यायपूर्ण और मानवतावादी समाज के निर्माण का आह्वान किया गया। उपस्थित अधिवक्ताओं ने संत रविदास जी के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर एडवोकेट संदीप शर्मा, अजय कुमार, वरिष्ठ अधिवक्ता रामपाल, विजय एडवोकेट, संजय कुमार, आबिद एडवोकेट, समीना एडवोकेट, शिवानी एडवोकेट, गुलिस्ता एडवोकेट, वरिष्ठ एडवोकेट हादी, मुर्सलीन, नजर, आमिर, शाह फैसल, अजीम, फरमान, मीनाक्षी, अंजलि, मोनिका, रामकिशन, राशिद एवं रवि एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में अधिवक्तागण मौजूद रहे।

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