नई दिल्ली,
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जीवन में सकारात्मक सोच और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित करते हुए बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक प्रेरणादायक संस्कृत सुभाषित साझा किया। इस सुभाषित के माध्यम से उन्होंने यह संदेश दिया कि हँसी न केवल जीवन को आसान बनाती है, बल्कि यह सबसे प्रभावी और सुलभ औषधि भी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पोस्ट में लिखा—
“**औषधेष्वपि सर्वेषु हास्यं श्रेष्ठं वदन्ति ह।
स्वाधीनं सुलभं चैवारोग्यानन्दविवर्धनम्॥**”
इस सुभाषित का भावार्थ है कि सभी औषधियों में हँसी को सर्वोत्तम माना गया है, क्योंकि यह बिना किसी खर्च के सहज रूप से उपलब्ध होती है और व्यक्ति के स्वास्थ्य व आनंद को बढ़ाने का कार्य करती है।
प्रधानमंत्री ने इस संदेश के ज़रिए यह स्पष्ट किया कि आधुनिक जीवन की भागदौड़, तनाव और मानसिक दबाव के बीच हँसी एक ऐसा साधन है, जो न केवल मन को हल्का करता है, बल्कि शरीर को भी ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से यह भी संकेत दिया कि खुश रहना और दूसरों को हँसाना स्वयं की सेहत के लिए अत्यंत आवश्यक है।
पीएम मोदी के इस संदेश को मानसिक स्वास्थ्य, सकारात्मक जीवनशैली और सामाजिक सौहार्द से जोड़कर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, हँसी तनाव कम करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक होती है।
प्रधानमंत्री द्वारा साझा किया गया यह सुभाषित भारतीय सांस्कृतिक परंपरा में हास्य के महत्व को भी दर्शाता है, जहाँ हँसी को जीवन का अभिन्न अंग माना गया है। सोशल मीडिया पर यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है और लोग इसे अपने दैनिक जीवन में अपनाने की बात कर रहे हैं।
इस संदेश के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी ने यह प्रेरणा दी है कि कठिन परिस्थितियों में भी मुस्कुराना जीवन को सरल, स्वस्थ और आनंदमय बना सकता है।