देहरादून।
प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री **गणेश जोशी** ने सहसपुर ब्लॉक में आयोजित “विकसित भारत – रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)” यानी **वीबी-जी राम जी बिल–2025** पर आधारित कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने किसानों, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर सरकार की ग्रामीण रोजगार नीति और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यशाला के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन को लेकर लगातार प्रभावी कदम उठाती रही है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण रोजगार की नींव वर्ष 1989 की जवाहर रोजगार योजना से पड़ी, जिसे 2006 में नरेगा और 2009 में मनरेगा के रूप में और अधिक मजबूत किया गया। अब **वीबी-जी राम जी योजना** के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को 100 दिन के बजाय **125 दिन का गारंटीशुदा रोजगार** उपलब्ध कराया जाएगा।
मंत्री जोशी ने बताया कि योजना के तहत निष्पक्ष और पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन को प्राथमिकता दी गई है। सामान्य राज्यों के लिए केंद्र-राज्य अंशदान अनुपात 60:40 रखा गया है, जबकि हिमालयी और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए यह अनुपात 90:10 तय किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों की भौगोलिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए **रिटेनिंग वॉल (सुरक्षा दीवार)** जैसे कार्यों को भी अनुमन्य श्रेणी में शामिल किया गया है।
उन्होंने विपक्ष द्वारा मनरेगा को समाप्त करने की फैल रही अफवाहों को निराधार बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में इस योजना को और अधिक सशक्त किया गया है। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि केंद्रीय बजट 2026-27 में **‘महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना’** की शुरुआत भी की जा रही है।
मंत्री ने यह भी बताया कि खेती के व्यस्त समय—बुवाई और कटाई—के दौरान राज्य सरकार वर्ष में 60 दिन ऐसे तय कर सकेगी, जब योजना के अंतर्गत कार्य नहीं कराया जाएगा, जिससे किसानों को पर्याप्त श्रमिक मिल सकें। इसके अलावा जल जीवन मिशन के तहत निर्मित परिसंपत्तियों के रखरखाव को भी इस योजना में शामिल किया गया है।
कार्यशाला के दौरान उद्यान विभाग द्वारा समूह की महिलाओं को निःशुल्क पौध भी वितरित की गईं। कार्यक्रम में विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, आयुक्त ग्राम्य विकास अनुराधा पाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, जिलाध्यक्ष मीता सिंह, भुवन विक्रम डबराल, ब्लॉक प्रमुख अर्चना रावत सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।