ऋषिकेश।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड द्वारा विद्युत खेल नियंत्रण बोर्ड (पीएससीबी), विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित **31वीं इंटर–सेंट्रल पावर सेक्टर अंडरटेकिंग्स (आईसीपीएसयू) शतरंज प्रतियोगिता** का सफलतापूर्वक समापन 31 जनवरी 2026 को किया गया। प्रतियोगिता में देशभर के विद्युत क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों के खिलाड़ियों ने शानदार खेल भावना और रणनीतिक कौशल का प्रदर्शन किया।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक **श्री सिपन कुमार गर्ग** ने विजेता टीमों और खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं न केवल खेल कौशल को निखारती हैं, बल्कि कर्मचारियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को भी सुदृढ़ करती हैं। उन्होंने कहा कि टीएचडीसीआईएल खेलों और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है, जिससे सार्वजनिक उपक्रमों के बीच आपसी सौहार्द भी मजबूत होता है।
समापन समारोह में मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन–प्रशासन एवं केंद्रीय संचार) **डॉ. ए. एन. त्रिपाठी** ने भी सभी प्रतिभागी टीमों की सराहना की और कहा कि पूरे टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों ने अनुकरणीय खेल भावना और उत्साहपूर्ण सहभागिता का परिचय दिया।
इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में विद्युत क्षेत्र के विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों की कुल **11 टीमों** ने भाग लिया। पुरुष टीम शतरंज चैंपियनशिप में **पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पीजीसीआईएल)** ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि **दामोदर वैली कॉरपोरेशन (डीवीसी)** द्वितीय और **टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड** तृतीय स्थान पर रहा।
पुरुष व्यक्तिगत शतरंज स्पर्धा में **श्री सौरभ बिस्वास (ग्रिड इंडिया)** ने पहला स्थान हासिल किया। वहीं **श्री सौरभ धीमान (एसजेवीएनएल)** और **श्री नागा पवन कल्याण कुमार (पीजीसीआईएल)** क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
महिला टीम शतरंज चैंपियनशिप में भी पीजीसीआईएल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। **एनएचपीसी** को द्वितीय और **ग्रिड इंडिया** को तृतीय स्थान मिला। महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में **सुश्री लिया जॉर्ज (एनएचपीसी)** विजेता रहीं, जबकि **सुश्री हिमांशी** और **सुश्री कमलेश** (दोनों पीजीसीआईएल) ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिता का आयोजन स्विस प्रणाली के तहत फीडे के नियमों के अनुरूप किया गया। संचालन अंतरराष्ट्रीय निर्णायक **सुश्री स्वाति भट्ट**, फीडे निर्णायक **श्री संकल्प अरोड़ा** एवं **सुश्री प्रकृति मनोध्या** ने किया। धन्यवाद ज्ञापन **श्री ए. के. विश्वकर्मा**, उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन–कल्याण) द्वारा प्रस्तुत किया गया।