जातिगत भेदभाव और अन्याय के खिलाफ गुरु रविदास के संदेश से प्रेरित भक्तगण रुड़की में हुए शामिल

रुड़की।
संत शिरोमणि **गुरु रविदास जी** की जयंती के अवसर पर ग्राम ब्रहमपुर कान्हापुर स्थित **रविदास मंदिर** में विशेष सत्संग का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूर्व मेयर **गौरव गोयल** ने उपस्थित भक्तों को संबोधित करते हुए गुरु रविदास जी के जीवन और शिक्षाओं पर प्रकाश डाला।

गौरव गोयल ने कहा कि गुरु रविदास ने अपने संपूर्ण जीवन में जातिगत भेदभाव, सामाजिक कुरीतियों और अन्याय के खिलाफ निर्भीक आवाज़ उठाई। उन्होंने कहा कि जब लक्ष्य बड़ा होता है तो मार्ग भी कठिन और बाधाएं भी अधिक होती हैं। ऐसे समय में सामान्य आत्मविश्वास पर्याप्त नहीं होता, बल्कि **उच्च स्तर का आत्मविश्वास** होना जरूरी है।

पूर्व मेयर ने बताया कि यदि किसी क्षण भी निराशा आती है तो लक्ष्य और भी दूर और कठिन प्रतीत होने लगता है। ऐसे समय में व्यक्ति का सबसे बड़ा साथी और सहारा उसका **आत्मविश्वास** होता है। दूसरों पर अधिक निर्भर रहने से मानसिक दुर्बलता पैदा होती है और छोटी-छोटी बाधाएँ भी मन को विचलित कर देती हैं। इसलिए उन्होंने सभी को स्वयं पर भरोसा रखने और अपने संकल्प को मजबूत बनाने का संदेश दिया।

गौरव गोयल ने आगे कहा कि आज हमें गुरु रविदास जी के आदर्शों का पालन कर समाज को शिक्षित और समृद्ध बनाना चाहिए। उन्होंने रविदास मंदिर में पूजा-अर्चना की और गुरु जी का आशीर्वाद लिया।

इस अवसर पर भक्तों की उपस्थिति भी उत्साहजनक रही। कार्यक्रम में **राजकुमार दास गुरु जी, विनोद कुमार, श्याम कुमार, पवन कुमार, बिजेंद्र कुमार, ईसम सिंह, राजेश कुमार, देशराज, अमर सिंह, दयाराम, बृजेश कुमारी, गीता रानी, कल्पना और गुड्डन** सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। सत्संग में गुरु रविदास जी के संदेशों से प्रेरित होकर सभी ने सामाजिक समानता, नैतिकता और आत्मविश्वास के महत्व को आत्मसात करने का संकल्प लिया।

 

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