एप्पल सहयोग से सुपरचार्ज’ 26 में छात्रों को मिले आईओएस ऐप बनाने के व्यावहारिक कौशल

देहरादून। **ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस** ने एप्पल के सहयोग से दो दिवसीय **सुपरचार्ज’ 26** कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग के छात्रों को **आईओएस ऐप डेवलपमेंट और उभरती एआई तकनीकों** से परिचित कराया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के सिल्वर जुबली कन्वेंशन सेंटर और आईओएस डेवलपमेंट सेंटर में संपन्न हुआ, जिसमें छात्रों ने **हैंड्स-ऑन वर्कशॉप और प्रोटोटाइप निर्माण** के जरिए व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।

“**डेवलप द फ्यूचर**” विषयक प्लेनरी सत्र में छात्रों को मोबाइल टेक्नोलॉजी के नवीनतम औद्योगिक रुझानों से अवगत कराया गया। आईओएस डेवलपमेंट सेंटर में आयोजित **क्रिएट एन ऐप प्रोटोटाइप** वर्कशॉप में छात्रों ने **स्विफ्ट और एक्सकोड** का उपयोग कर इंटरफेस डिजाइन और कार्यात्मक मोबाइल एप्लिकेशन तैयार करना सीखा। स्पॉटलाइट शोकेस में मैक की उच्च क्षमताओं का प्रदर्शन कर यह दिखाया गया कि पोर्टेबिलिटी, प्रदर्शन और एकीकृत इकोसिस्टम शैक्षणिक और रचनात्मक कार्यों में किस प्रकार मददगार है।

ग्राफिक एरा ग्रुप के चेयरमैन **प्रो. डा. कमल घनशाला** ने कहा कि उद्योग और शिक्षा के बीच सहयोग से छात्रों को **भविष्य के लिए आवश्यक कौशल** प्राप्त होते हैं और उन्हें तकनीकी क्षेत्र में करियर के लिए तैयार किया जाता है। कुलपति **डा. नरपिंदर सिंह** ने बताया कि सुपरचार्ज’ 26 ने छात्रों को उद्योग से सीधे जुड़ने और नवीनतम तकनीकों को समझने का **सशक्त मंच** प्रदान किया।

इंडस्ट्री-अकैडमिया लीड **तेजस्वी घनशाला** ने कहा कि इस कार्यक्रम से छात्रों को **नवाचार-आधारित करियर विकल्पों** के बारे में जानकारी मिली। आईओएस डेवलपमेंट सेंटर प्रमुख **डा. सचिन घई** ने बताया कि यह पहल छात्रों को एप इकोनॉमी और औद्योगिक प्रक्रियाओं की गहरी समझ देती है, जिससे वे नवाचारी समाधान विकसित कर सकें।

ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी इस कार्यक्रम के माध्यम से **नवाचार, तकनीकी दक्षता और उद्योग-शिक्षा सेतु** को मजबूत करते हुए भविष्य के सक्षम पेशेवर तैयार करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।

 

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