उत्तराखंड के विकास पर सवाल: सांसद निधि बाहर खर्च, कांग्रेस ने भाजपा को घेरा

देहरादून। उत्तराखंड में विकास को लेकर एक बार फिर सियासी घमासान तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भाजपा सांसदों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उत्तराखंड की जनता के साथ खुला धोखा किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सांसदों ने अपनी सांसद निधि (एमपीएलएडी फंड) का बड़ा हिस्सा उत्तराखंड के बजाय अन्य राज्यों में खर्च कर दिया, जबकि राज्य के गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

गणेश गोदियाल ने कहा कि सूचना के अधिकार (RTI) के माध्यम से प्राप्त जानकारी के अनुसार भाजपा सांसदों ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा और अन्य राज्यों में ट्यूबवेल, स्कूल भवन, सामुदायिक भवन, सड़क और जल निकासी जैसे कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च किए। इसके विपरीत उत्तराखंड के कई ग्रामीण क्षेत्र आज भी सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने इसे उत्तराखंड की जनता के साथ “खुला विश्वासघात” बताया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सांसद यह तर्क देकर अपने दायित्वों से नहीं बच सकते कि उत्तराखंड के लोग देश के अन्य हिस्सों में भी रहते हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सांसद उत्तराखंड की जनता द्वारा चुने गए हैं, इसलिए उनकी पहली जिम्मेदारी देवभूमि के विकास की है, न कि दूसरे राज्यों में राजनीतिक लाभ साधने की।

गोदियाल ने देहरादून, टिहरी, अल्मोड़ा, पौड़ी और चमोली जैसे जिलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में आज भी सड़कें जर्जर हैं, पेयजल संकट बना हुआ है और स्वास्थ्य व शिक्षा की स्थिति चिंताजनक है। इसके बावजूद भाजपा सांसदों की प्राथमिकताओं में उत्तराखंड पीछे छूट गया है।

कांग्रेस ने इस मुद्दे पर तीन प्रमुख मांगें रखी हैं—सांसद निधि का पूरा उपयोग उत्तराखंड के विकास कार्यों में किया जाए, जनता के साथ हुए इस विश्वासघात पर भाजपा सांसद सार्वजनिक रूप से जवाब दें और केंद्र सरकार सांसद निधि के कथित दुरुपयोग की निष्पक्ष जांच कराए।

अंत में गोदियाल ने कहा कि देवभूमि की जनता सब देख रही है और समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब जरूर देगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उत्तराखंड को अब तक केवल भाषण मिले हैं, विकास नहीं, और यही भाजपा का असली चेहरा है।

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