बागेर वन क्षेत्र के अंतर्गत छाती–मनकोट गांव में गुलदार के हमले से एक वृद्ध महिला की दर्दनाक मौत हो गई। यह हृदयविदारक घटना बुधवार सायं उस समय हुई, जब जंगल में लगी आग आबादी की ओर बढ़ने लगी और ग्रामीण आग बुझाने में जुट गए। इसी दौरान आग से अपने घास के ढेर को बचाने गई 65 वर्षीय देवकी देवी को गुलदार ने अपना शिकार बना लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार की सायं छतीना के जंगल में अचानक आग भड़क उठी। आग तेजी से गांव की ओर बढ़ने लगी और एक किसान के घास के ढेर तक पहुंच गई। देवकी देवी अपने पुत्र दयाल सिंह के साथ आग बुझाने जंगल की ओर गई थीं। इसी बीच आग बुझाने के लिए आवश्यक उपकरण लेने दयाल सिंह घर लौट आया। जब वह दोबारा मौके पर पहुंचा तो उसकी मां वहां नहीं मिली।
काफी देर तक आवाज लगाने के बावजूद जब कोई जवाब नहीं मिला तो अनहोनी की आशंका जताते हुए उसने अपने भाई रमेश चौबे और अन्य ग्रामीणों को सूचना दी। ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को जानकारी दी और देवकी देवी की तलाश शुरू की। देर रात वन विभाग के तीन कर्मचारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ जंगल में सर्च अभियान चलाया गया।
मध्यरात्रि के बाद जंगल में लगभग एक किलोमीटर दूर देवकी देवी का शव बरामद हुआ। आशंका जताई जा रही है कि गुलदार ने महिला पर हमला कर उसे घसीटते हुए जंगल के भीतर ले गया। शव मिलने की खबर से पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल फैल गया।
बृहस्पतिवार को पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। वहीं, प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्न ने अस्पताल पहुंचकर घटना की जानकारी ली और ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि गांव में जल्द गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि शासन की नीति के तहत प्रभावित परिवार को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इधर, गांव में गुलदार की सक्रियता से लोग भयभीत हैं। पूर्व प्रधान गणेश रावत, आनंद सिंह और हरीश चंद्र सहित ग्रामीणों ने गुलदार के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।