मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महान पर्यावरणविद्, चिपको आंदोलन के प्रणेता और पद्म विभूषण से सम्मानित सुंदरलाल बहुगुणा की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया और उनके योगदान को स्मरण किया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सुंदरलाल बहुगुणा ने अपने तप, त्याग और सतत संघर्ष के बल पर पर्यावरण संरक्षण को केवल एक विचार नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन का रूप दिया। उन्होंने प्रकृति और मानव के बीच संतुलित सह-अस्तित्व की जो सोच समाज को दी, वह आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। बहुगुणा का संपूर्ण जीवन प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और सतत विकास के सिद्धांतों का जीवंत उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चिपको आंदोलन के माध्यम से सुंदरलाल बहुगुणा ने पूरी दुनिया को यह संदेश दिया कि जंगल केवल लकड़ी नहीं, बल्कि जीवन हैं। उनके प्रयासों ने न केवल हिमालयी क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण की चेतना जगाई, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भाव पैदा किया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब पर्यावरणीय असंतुलन, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन जैसी चुनौतियां सामने हैं, तब सुंदरलाल बहुगुणा के विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं। यदि हम उनके दिखाए मार्ग पर चलें, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित, स्वच्छ और हरित भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे सुंदरलाल बहुगुणा के विचारों को अपने जीवन में अपनाएं और प्रकृति संरक्षण के लिए व्यक्तिगत व सामूहिक स्तर पर प्रयास करें। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।