ओंकारेर मंदिर में हुआ मां काली, बाबा केदार व मदमहेर भगवान का अदभुत मिलनकालीमाई की दिवारा यात्रा पहुंची ऊखीमठ
ऊखीमठ। भगवती कालीमाई की ऐतिहासिक पैदल दिवारा यात्रा के ऊखीमठ पहुंचने पर ग्रामीणों ने अनेक स्थानों पर पुष्प वष्रा कर भव्य स्वागत किया। भगवती कालीमाई की दिवारा यात्रा के ऊखीमठ आगमन से आस्था व भक्ति का अनूठा संगम बना हुआ है। इस दौरान भगवती कालीमाई की दिवारा यात्रा ओंकारे वर मन्दिर ऊखीमठ पहुंची, जहां पर केदारनाथ कालीमाई व बाबा मदमहे वर का 15 वर्षो बाद अदभुत मिलन हुआ, जिसके साक्षी मौजूद श्रद्धालु बने। भगवती कालीमाई की दिवारा यात्रा के देर सांय चुन्नी गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया।
मंगलवार को भगवती कालीमाई की दिवारा यात्रा संसारी, कुण्ड, भीरी, बांसवाडा सहित विभिन्न हिल स्टेशनों का नगर भ्रमण कर ग्रामीणों की कुशलक्षेम पूछकर आशीर्वाद देगी तथा रात्रि प्रवास के लिए बष्टी गांव पहुंचेगी। कालीमाई पंचगांई समिति कालीमठ के अध्यक्ष लखपत सिंह राणा ने बताया कि भगवती कालीमाई की दिवारा यात्रा के ऊखीमठ आगमन से ग्रामीणों में भारी उत्साह बना हुआ है तथा हर गांव में यात्रा का भव्य स्वागत हो रहा है। महामंत्री सुरेशानंद गौड़ ने बताया कि मंगलवार को भगवती कालीमाई की दिवारा ऊखीमठ क्षेत्र से विदा होकर बांसवाडा क्षेत्र में पर्दापण करेगी। इस मौके पर ओंकारे वर मन्दिर के वरिष्ठ पुजारी शिव शंकर लिंग, नगर पंचायत अध्यक्ष कुब्जा धम्र्वाण, खुशहाल सिंह नेगी, मन्दिर समिति सदस्य विनीत पोस्ती, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डीएस भुजवाण, सभासद प्रदीप धम्र्वाण, पूर्व प्रधान राय सिंह धम्र्वाण, भगवती देवशाली, योगेंद्र देवशाली सहित अन्य मौजूद थे।