अमेरिका ने वेनेजुएला के खिलाफ एक बड़ी सैन्य कार्रवाई का दावा करते हुए कहा है कि राजधानी कराकस में किए गए हमलों के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को हिरासत में ले लिया गया है और उन्हें देश से बाहर ले जाया गया है। इस दावे के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट साझा कर कहा कि अमेरिका ने वेनेजुएला और वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। ट्रंप के अनुसार, यह कार्रवाई अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय में की गई है। उन्होंने संकेत दिया कि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर ट्रंप प्रशासन जल्द ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विस्तृत जानकारी देगा।
दूसरी ओर, वेनेजुएला के राष्ट्रपति कार्यालय ने देश में आपातकाल की घोषणा कर दी है। इस घटनाक्रम पर रूस, ईरान और वेनेजुएला के कई पड़ोसी देशों सहित अनेक राष्ट्रों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी हमलों की निंदा की है और इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया है।
शनिवार तड़के अमेरिका द्वारा कराकस के भीतर सैन्य हमले किए गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राजधानी में कम से कम सात जोरदार धमाकों की आवाज़ सुनी गई। इस दौरान कम ऊंचाई पर उड़ते सैन्य विमान शहर के ऊपर मंडराते दिखाई दिए। हमलों के बाद वायरल हुए वीडियो फुटेज में कई इलाकों से धुएं के गुबार उठते और इमारतों में आग लगी हुई नजर आई।
एक मीडिया रिपोर्ट में प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया गया कि तड़के करीब दो बजे शहर के कुछ हिस्सों से काला धुआं उठता देखा गया। धमाके और सैन्य विमानों की गतिविधि लगभग 90 मिनट तक जारी रही। कराकस में एक सैन्य ठिकाने के हैंगर से धुआं उठता दिखा, जबकि एक अन्य सैन्य अड्डे की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। हमलों के कई घंटे बाद तक राजधानी के कुछ हिस्सों में बिजली बहाल नहीं हो सकी, हालांकि कई क्षेत्रों में यातायात सामान्य रूप से चलता रहा।
हमले के बाद सत्ताधारी पार्टी के गढ़ माने जाने वाले इलाकों में हथियारबंद नागरिक और सरकार समर्थक लड़ाके सड़कों पर गश्त करते नजर आए। वहीं, राजधानी के अन्य हिस्सों में हमलों के घंटों बाद तक सन्नाटा पसरा रहा, जिससे दहशत का माहौल बना रहा।
इस बीच, वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने राष्ट्रपति मादुरो और प्रथम महिला के बारे में अनिश्चितता जताई है। सरकारी टेलीविजन पर दिए बयान में उन्होंने कहा, “हमें राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और प्रथम महिला सीलिया फ्लोरेस के बारे में कोई जानकारी नहीं है। हम उनके जीवित होने का प्रमाण चाहते हैं।”
गौरतलब है कि अमेरिका और वेनेजुएला के संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं, जो हाल के वर्षों में और अधिक बिगड़ गए हैं। अमेरिका मादुरो सरकार पर नशीले पदार्थों, विशेषकर फेंटेनाइल और कोकीन की तस्करी में संलिप्तता का आरोप लगाता रहा है। साथ ही, अमेरिका का कहना है कि मादुरो शासन की नीतियों के कारण लाखों वेनेजुएलावासी देश छोड़कर अमेरिका की ओर पलायन करने को मजबूर हुए, जिससे प्रवासी संकट गहराया।
वहीं, वेनेजुएला इन सभी आरोपों को खारिज करता रहा है। उसका दावा है कि ड्रग तस्करी के बहाने अमेरिका का असली उद्देश्य सत्ता परिवर्तन कर वेनेजुएला की विशाल तेल संपदा पर कब्जा करना है। मौजूदा घटनाक्रम ने दोनों देशों के बीच टकराव को एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंचा दिया है।