जुबीन गर्ग हत्याकांड: तीन माह के भीतर 3500 पेज की चार्जशीट, हत्या की साजिश की पुष्टि, 300 गवाहों के बयान शामिल

गुवाहाटी। असम के प्रसिद्ध गायक और सांस्कृतिक प्रतीक जुबीन गर्ग की सिंगापुर में रहस्यमयी मौत के मामले में शुक्रवार को बड़ा खुलासा हुआ। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने गुवाहाटी की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत में 3500 पेज की विस्तृत चार्जशीट दाखिल कर दी। यह चार्जशीट और इससे जुड़े साक्ष्य चार बड़े ट्रंक में भरकर कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत पहुंचाए गए।

जुबीन गर्ग की मौत 19 सितंबर को सिंगापुर के लाजरस द्वीप के पास समुद्र में तैरते हुए डूबने से बताई गई थी। प्रारंभिक रिपोर्टों में इसे स्कूबा डाइविंग हादसा कहा गया था।

एसआईटी की जांच में यह साबित हुआ कि यह कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी।

एसआईटी प्रमुख और स्पेशल डीजीपी (सीआईडी) मुन्ना प्रसाद गुप्ता ने कहा, “चार्जशीट ठोस सबूतों पर आधारित है। सिंगापुर से सभी दस्तावेज प्राप्त हो चुके हैं।”

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 25 नवंबर को ही विधानसभा में इसकी पुष्टि की थी। उन्होंने कहा, “यह साफ-साफ हत्या का केस है। एसआईटी जल्द चार्जशीट दाखिल करेगी। न्याय मिलेगा।”

चार्जशीट में 300 से अधिक गवाहों की गहन पूछताछ, फोरेंसिक रिपोर्ट्स, सिंगापुर पुलिस के निष्कर्ष, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य (जैसे यॉट वीडियो) और वित्तीय अनियमितताओं के प्रमाण शामिल बताए गए हैं। एसआईटी ने सिंगापुर के सभी प्रमुख गवाहों से स्वेच्छा से बयान लिए, जिन्होंने जांच में सहयोग दिया।

रिपोर्ट के अनुसार, जुबीन को जानबूझकर खतरनाक जगह ले जाया गया, जहां लाइफगार्ड की कमी थी। उनके साथ तैरने का प्लान ही साजिश का हिस्सा था। एक आरोपी ने उनके पेय में जहर मिलाया, जबकि अन्य ने सहयोग किया। बैंड सदस्य शेखर ज्योति गोस्वामी के बयान से यह खुलासा हुआ कि जुबीन के ड्रिंक में विषाक्त पदार्थ मिलाया गया था।

अब तक सात लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, जिनमें जुबीन के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा, इवेंट ऑर्गेनाइजर श्यामकानु महंत, बैंडमेट शेखर ज्योति गोस्वामी, सह-गायिका अमृतप्रभा महंत, सह-गायक अमृत प्रीतम और एक होटल स्टाफ शामिल हैं। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

चार्जशीट में इन पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 (हत्या), 61 (आपराधिक साजिश) और अन्य धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

जांच में पैसों के लेन-देन, पेशेवर ईर्ष्या और संपत्ति विवाद मुख्य कारण बताए गए। जुबीन की मौत के बाद असम भर में 60 से अधिक एफआईआर दर्ज हुईं, जिनमें अधिकांश संपत्ति से जुड़ी हैं। इनकी अलग जांच चल रही है।

गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 18 नवंबर को बीएनएस की धारा 208 के तहत विदेश में हुए अपराध की सुनवाई की मंजूरी दी थी, जिससे चार्जशीट दाखिल करने का रास्ता साफ हुआ। सिंगापुर पुलिस ने प्रारंभिक जांच में कोई संदिग्ध गतिविधि न मिलने की बात कही थी, लेकिन असम एसआईटी के सबूतों ने पूरी तस्वीर बदल दी।

जुबीन की पत्नी गरिमा सइकिया गर्ग ने मौत के बाद से ही साजिश का आरोप लगाया था। परिवार ने चार्जशीट दाखिल होने पर न्याय की उम्मीद जताई है।

जुबीन का अंतिम संस्कार 23 सितंबर को सोनापुर के कमरकुची में हुआ था। वहां की 10 बीघा जमीन को अब ‘देवालय’ का दर्जा मिल चुका है, जहां रोजाना हजारों प्रशंसक श्रद्धा अर्पित करने पहुंचते हैं।

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