राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का मणिपुर दौरा शांति और सुस्थिरता का संदेश दे गया

इम्फाल। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने दो दिवसीय मणिपुर दौरे में आदिवासी समुदायों के लिए गरिमा, सुरक्षा और विकास अवसरों को राष्ट्रीय प्राथमिकता बताया।
राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनका पहला मणिपुर दौरा था। इसके पहले इसी साल सितंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ढाई साल से हिंसा पीड़ित राज्य के लोगों को साहस बंधाने पहुंचे थे। राष्ट्रपति का दौरा राज्य में शांति, सद्भाव और विकास पर केंद्रित है, खासकर हाल की हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों में।

शुक्रवार को उन्होंने नुपी लाल मेमोरियल कॉम्प्लेक्स में श्रद्धांजलि समारोह में भाग लिया। सुबह इम्फाल स्थित नुपी लाल मेमोरियल कॉम्प्लेक्स पहुंचकर 86वें नुपी लाल दिवस पर मणिपुर की वीरांगनाओं को पुष्पांजलि अर्पित की। यह 1904 और 1939 में ब्रिटिश शासन के खिलाफ महिलाओं के ऐतिहासिक संघर्ष की याद दिलाता है, जो मणिपुरी महिलाओं के साहस का प्रतीक है। राष्ट्रपति ने कहा, “ये आंदोलन महिलाओं के नेतृत्व, साहस और सामूहिक संघर्ष के शक्तिशाली प्रतीक हैं।”

नगा-बहुल सेनापति जिले में जनसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने आदिवासी समुदायों के लिए गरिमा, सुरक्षा और विकास अवसरों को राष्ट्रीय प्राथमिकता बताया। मणिपुर की विविधता, संस्कृति और परंपराओं की ताकत पर जोर देते हुए शांति, समझ और सुलह की अपील की। कहा कि पहाड़ और घाटी एक-दूसरे के पूरक हैं। सभी समुदाय शांतिपूर्ण और समृद्ध मणिपुर के लिए मिलकर काम करें। भारत सरकार राज्य के कल्याण और प्रगति के प्रति प्रतिबद्ध है।
पहले दिन 11 दिसंबर को इम्फाल दोपहर में इम्फाल पहुंचने पर जहां वे पोलो ग्राउंड में युवा मामले एवं खेल विभाग के पोलो कार्यक्रम में शामिल हुईं। मणिपुर के प्रसिद्ध वैष्णव मंदिर श्री गोविंदजी में पूजा-अर्चना की। फिर इम्फाल में ही आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों से भेंट की। उन्होंने हिंसा के दर्द को समझा और मणिपुर की जनता की चिंताओं को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। घाटी और पहाड़ी क्षेत्रों के लोगों से सद्भाव बनाए रखने एवं राज्य को समृद्धि की नई ऊंचाइयों पर ले जाने का आह्वान किया। उन्होंने शिक्षा, आजीविका, मकान पुनर्निर्माण, कौशल प्रशिक्षण और युवाओं के लिए रोजगार अवसरों पर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

राष्ट्रपति का दौरा विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और आधारशिला रखने पर केंद्रित रहा, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर फोकस रहा।

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