सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) ने हाल में एक प्रमुख निजी एयरलाइन द्वारा बड़ी संख्या में उड़ानें अचानक और मनमाने ढंग से रद्द किए जाने पर कड़ा विरोध जताया है। पार्टी का कहना है कि बिना अग्रिम सूचना और पर्याप्त व्यवस्था के उड़ानें रद्द होने से हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इनमें बुजुर्ग, बच्चे, महिलाएं और बीमारी से जूझ रहे यात्री भी शामिल थे, जो घंटों तक हवाई अड्डों पर अनिश्चितता और तनाव में फंसे रहे। कई यात्रियों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा।
पार्टी ने आरोप लगाया कि यह स्थिति एयरलाइन प्रबंधन की गंभीर विफलता और नागरिक उड्डयन मंत्रालय तथा नियामक एजेंसियों की लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने कहा कि निजी एयरलाइंस अत्यधिक किराया वसूलती हैं, लेकिन समय पर उड़ान संचालन और यात्री सुविधा जैसी बुनियादी जिम्मेदारियों को निभाने में असफल रहती हैं। दूसरी ओर, सरकार सिर्फ बयान जारी कर अपनी जिम्मेदारी से बचती नजर आती है।
सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) ने यह भी कहा कि गलत नीतियों के कारण घरेलू विमानन क्षेत्र में एक–दो निजी कंपनियों का खतरनाक एकाधिकार बन गया है, जिसके चलते सेवा गुणवत्ता गिर रही है और यात्रियों का शोषण बढ़ रहा है। शिकायतों का प्रभावी समाधान भी नहीं हो पा रहा है।
पार्टी ने दोषी एयरलाइन पर कठोर कार्रवाई, प्रभावित यात्रियों को पूरा रिफंड और उपयुक्त मुआवजे की मांग की है। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय से मजबूत नियामकीय कदम उठाने की अपील की है।
पार्टी ने नागरिक उड्डयन क्षेत्र के राष्ट्रीयकरण या कम से कम कड़ी सरकारी निगरानी और जवाबदेही तंत्र लागू करने की आवश्यकता दोहराई। पार्टी का कहना है कि विश्वसनीय, सुरक्षित और किफायती हवाई यात्रा हर नागरिक का अधिकार है और एयरलाइनों का कोई भी मनमाना या शोषणपूर्ण व्यवहार असहनीय है।