पूसी रेलवे ने टिकट जाँच अभियान में पूर्ण बायोमेट्रिक इंटीग्रेशन के साथ बनाया नया बेंचमार्क

गुवाहाटी। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसी रेलवे) ने मॉडर्न आईटी इंटरवेंशन के माध्यम से सिस्टम की दक्षता बढ़ाने की दिशा एक और बड़ा मुकाम हासिल किया है। इसके पाँच मंडलों के 22 टीटीई लॉबी में सभी टिकट जाँच कर्मियों के लिए सौ फीसदी बायोमेट्रिक साइन ऑन/साइन ऑफ सिस्टम को सफलतापूर्वक लागू कर एक बड़ा डिजिटल मुकाम हासिल किया है। यह डिजिटल सिस्टम पूरे ज़ोन के कई बड़े स्टेशनों- जैसे कटिहार, किशनगंज, अलीपुरदुआर जंक्शन, न्यू बोंगाईगांव, रंगिया जंक्शन, कामाख्या, गुवाहाटी, डिब्रूगढ़ टाउन और न्यू तिनसुकिया पर पूर्णतः चालू कर दिया गया है। इससे कर्मचारियों के आने-जाने, उपस्थिति और ड्यूटी के निर्वहन में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होती है।

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा के मुताबिक बायोमेट्रिक अटेंडेंस शुरू होने से मंडल में टिकट जाँच अभियान की दक्षता और अधिक बेहतर हुई है। सटीक, रियल-टाइम अटेंडेंस संग्रह करने के साथ, यह सिस्टम बेहतर मॉनिटरिंग और ट्रेन मैनिंग एवं ऑनबोर्ड ड्यूटी के लिए कर्मचारियों की आदर्श तैनाती सुनिश्चित करता है। इससे अनुशासन बढ़ा है, समय पाबंद बेहतर हुई है और सेवा में बढ़ोतरी हुई है। जाँच दक्षता बढ़ने से टिकटिंग में गड़बड़ियों को कम कर राजस्व आय में भी मदद मिली है। इसके अलावा, फील्ड में कर्मचारियों की बेहतर मौजूदगी से विंडो टिकट की बिक्री में काफी बढ़ोतरी हुई है, जिससे रेलवे के कुल राजस्व में वृद्धि हुई है।

कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए, मंडल और जोनल मुख्यालय दोनों स्थानों पर सभी लॉबी से समर्पित टीमें बायोमेट्रिक इंस्टॉलेशन और रियल-टाइम डेटा को निरंतर मॉनिटर करती हैं। परिचालन दक्षता, यात्रियों की सेवा बेहतर बनाने और राजस्व बढ़ाने के लिए एडवांस्ड डिजिटल तकनीक का उपयोग करने के लिए एनएफआर प्रतिबद्ध है। यह अधिक पारदर्शी, दक्षता और तकनीकी रूप से एडवांस्ड रेल नेटवर्क की ओर एक और बड़ा कदम है।

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