रुड़की में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव का चमत्कारी दूसरा दिन—क्या बोले मुनिश्री प्रणम्य सागर महाराज?

रुड़की। श्रीमज्जिनेंद्र जिनबिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव के दूसरे दिन गर्म कल्याणक महोत्सव का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और भव्यता के साथ किया गया। कार्यक्रम की मुख्य शोभा रहे विख्यात जैन संत एवं अर्हंयोग प्रणेता मुनिश्री प्रणम्य सागर जी महाराज, जिन्होंने अपने प्रवचन में प्रतिष्ठा विधान को “पाषाण से परमात्मा बनाने वाला पावन अनुष्ठान” बताया।

मुनिश्री ने पंचकल्याणक के महत्व को विस्तार से बताते हुए कहा कि लाखों मंत्रों के प्रभाव से भगवान की प्रतिमा में दिव्य गुणों का आरोहण किया जाता है। धार्मिक संस्कारों से प्रतिष्ठित मूर्ति में अतिशय उत्पन्न होता है, जो उसे भक्तों के लिए पूज्यनीय बनाता है।

जैन समाज रुड़की के तत्वावधान में चल रहा यह पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव 4 दिसंबर तक चलेगा। इस दिन मोहल्ला कानूनगोयान स्थित जैन मंदिर में भगवान चंद्रप्रभ सहित अन्य तीर्थंकरों की प्रतिमाओं का विराजमान व मंदिर शिखर पर कलशारोहण किया जाएगा।

डीएवी इंटर कॉलेज प्रांगण में बने भव्य पांडाल में प्रतिदिन हरिद्वार, दिल्ली, रुड़की, मंगलौर, ज्वालापुर और बीएचईएल सहित अनेक क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु पहुँचकर धर्मलाभ ले रहे हैं। प्रातः से रात्रि तक जैन मुनीश्री के सान्निध्य में विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

रविवार को गर्म कल्याणक के बाद सोमवार को जन्म कल्याणक महोत्सव होगा। अयोध्या थीम पर सजाए गए पांडाल में रविवार को मंगलाष्टक, कलशाभिषेक, नित्य नियम, जिनेंद्रार्चना, पुस्तक विमोचन, प्रवचन, आरती, शास्त्रसभा, महाराजा नाभिराय दरबार, माता मरूदेवी जागरण, छप्पन कुमरियों द्वारा भेंट, स्वप्नफल और तत्वचर्चा जैसे अनेक अनुष्ठान सम्पन्न हुए।

कार्यक्रम में प्रथम आरती पुष्पेंद्र कुमार जैन ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक सुरेश चंद्र जैन ने सपत्नीक शिरकत की। इस अवसर पर जैन समाज के अनेक पदाधिकारी, संतगण और श्रद्धालु उपस्थित रहे तथा कार्यक्रम को सफल बनाया।

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